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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   In Prana Pratistha, offerings will be made in nine ponds to wish for world welfare and enemy victory.

Ram Mandir : प्राण प्रतिष्ठा में विश्व कल्याण व शत्रु विजय की कामना के लिए नौ कुंडों में डाली जाएंगी आहुतियां

Wed, 03 Jan 2024 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 03 Jan 2024 06:18 AM IST
सार

22 जनवरी को 84 सेकंड के अभिजीत मुहूर्त में काशी के प्रकांड कर्मकांडी पंडित हवन कराएंगे। राममंदिर के सामने की भूमि पर बने मंडप में अलग-अलग आकार के हवन कुंडों में कर्मकांडी पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित के आचार्यत्व में देशभर के 121 वैदिक ब्राह्मण प्राण प्रतिष्ठा मुहूर्त को संपन्न कराएंगे।

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In Prana Pratistha, offerings will be made in nine ponds to wish for world welfare and enemy victory.
अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा - फोटो : social media

विस्तार

राममंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और शत्रु विजय समेत पूरे विश्व के कल्याण तथा शांति के लिए विशेष रूप से तैयार नौ हवन कुंडों में आहुतियां डाली जाएंगी। 22 जनवरी को 84 सेकंड के अभिजीत मुहूर्त में काशी के प्रकांड कर्मकांडी पंडित हवन कराएंगे। राममंदिर के सामने की भूमि पर बने मंडप में अलग-अलग आकार के हवन कुंडों में कर्मकांडी पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित के आचार्यत्व में देशभर के 121 वैदिक ब्राह्मण प्राण प्रतिष्ठा मुहूर्त को संपन्न कराएंगे। प्रत्येक कुंड, उसके आकार और हवन का उद्देश्य भी अलग-अलग है। 

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कुंड का आकार और उद्देश्य 

  • वृत्ताकार        शांति
  • अर्धचंद्राकार        कल्याण
  • पद्म    स्वास्थ्य, शांति, समृद्धि 
  • चर्तुस्त्र        सर्वसमृद्धि
  • त्रिकोण        शत्रु पर विजय  
  • योनि        संतति
  • षटकोण        शत्रु नाश
  • अष्टकोण        उत्तम स्वास्थ्य

अहमदाबाद में भगवान राम के नाम से जाने जाएंगे सार्वजनिक स्थल
अहमदाबाद। भाजपा शासित अहमदाबाद नगर निगम ने विभिन्न पुलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों का नामकरण भगवान राम और रामायण में वर्णित स्थलों और अन्य पात्रों के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

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  • बिहार में भाजपा अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने लव कुश रथ यात्रा को दिखाई हरी झंडी। यात्रा 22 जनवरी को अयोध्या पहुंचने से पहले राज्य के सभी जिलों से गुजरेगी। 
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  • रजनीकांत को न्योता : सुपरस्टार रजनीकांत को भी राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है।  

परिसर में ही शबरी, अहिल्या व अन्नपूर्णा के भी होंगे मंदिर
राम जन्मभूमि परिसर में सबके राम... की भी अवधारणा साकार होगी। परिसर में रामायण काल की मातृ शक्तियों के भी मंदिर बनाए जाएंगे। गर्भगृह में विराजमान होने वाले रामलला को माता शबरी व अहिल्या आशीर्वाद देती नजर आएंगी। 

राम को जन-जन का राम
बनाने में इन मातृ शक्तियों की अहम भूमिका है। किसी ने राम को जीत का द्वार दिखाया, तो किसी का राम ने उद्धार किया। जन्मभूमि परिसर में माता भगवती, माता शबरी, अहिल्या व अन्नपूर्णा के भी मंदिर प्रस्तावित हैंै। श्रीराम ने पाषाण रूपी अहिल्या का उद्धार किया था। माता सीता की खोज के दौरान भगवान शबरी से मिले तो उन्होंने ही सुग्रीव से मिलने का सुझाव दिया। इससे लंका विजय का मार्ग प्रशस्त हुआ। परिसर में माता भगवती का भी मंदिर बनेगा। सीता रसोई में अन्नपूर्णा का मंदिर प्रस्तावित है।

430 शहरों से प्रतिदिन पांच से पैंतीस ट्रेनें चलेंगी 
लोगों को रामलला का दर्शन कराने के लिए देश के 430 शहरों से प्रतिदिन पांच से पैंतीस ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा अयोध्या के नजदीकी राज्यों से बड़ी संख्या में बस सेवा भी उपलब्ध होगी। कार्यकर्ताओं को भक्तों की यात्रा शुरू होने से रामलला के दर्शन और घर वापसी तक उनका ख्याल रखने का निर्देश भी दिया गया है।

कुचामन सिटी से दौड़ लगा अयोध्या पहुंचेंगे रामसिंह
राजस्थान की कुचामन सिटी नागौर निवासी युवक रामसिंह राठौड़ ने सनातन धर्म के प्रति श्रद्धा दिखाते हुए अयोध्या तक दौड़ लगाकर 22 जनवरी को अयोध्या धाम में रामलला के विराजमान होने पर दर्शन करने का निर्णय लिया है। मंगलवार को राठौड़ दौड़ लगाते बरनाहल के दिहुली से होकर गुजरे।



दिहुली में विश्व हिंदू परिषद कार्यालय पर उनका कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। रामसिंह ने बताया कि यह दौड़ डूंगरी वाले बालाजी मंदिर में पूजा करके शुरू की है। यह निर्णय 500 वर्षों की लंबे संघर्ष के उपरांत अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने के उपलक्ष में लिया है। वह रोजाना सुबह 7 बजे से शाम चार बजे तक दौड़ लगाते हैं। 

सौर ऊर्जा के जरिये अपनी बिजली खुद बनाएगा अयोध्या एयरपोर्ट
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हरित ऊर्जा क्रांति में सहयोगी होगा। यहां जरूरत की बिजली के लिए परंपरागत ऊर्जा पर फोकस किया गया है। रूफटॉप सोलर पैनल से तैयार बिजली का उपयोग किया जाएगा। वैदिक सिटी अयोध्या को पहली सोलर सिटी बनाया जा रहा है। इस ग्रीन एनर्जी की क्रांति में एयरपोर्ट भी शामिल है। एयरपोर्ट के परिचालन में सौर ऊर्जा से उत्पादित बिजली का ही प्रयोग हो रहा है। हरित ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) के उत्पादन में बहुत कम कार्बन उत्सर्जित होती है। इससे वातावरण शुद्ध रहता है। 

  • यहां बिजली के लिए 250 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप लगाया गया है। 500 केवीए क्षमता वाले तीन डीजल जनरेटर भी हैं। 
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