फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Earlier we used to wait for a whole year…now there is a fair every day in Ramnagari.

Ayodhya : पहले सालभर करते थे इंतजार ...अब तो रामनगरी में रोज है मेला, पुलकित हैं दुकानदार; लगी भक्तों की कतार

Sat, 20 Jan 2024 06:32 AM IST
दुष्यंत शर्मा राहुल दुबे, अयोध्या
राहुल दुबे, अयोध्या Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 20 Jan 2024 06:32 AM IST
सार

कोई हाथ खाली नहीं है। यह कहना है कि हनुमान गढ़ी की सौ साल पुरानी प्रसाद की दुकान चलाने वाले राकेश गुप्ता का। कहते हैं पिछले एक साल में प्रसाद की बिक्री दस गुना तक बढ़ गई है। 

विज्ञापन
Earlier we used to wait for a whole year…now there is a fair every day in Ramnagari.
रामनगरी में हर तरफ है रौनक... - फोटो : राजेश कुमार।

विस्तार

रामजी सबके हैं। प्राण प्रतिष्ठा से पहले वे सबको कुछ न कुछ दे रहे हैं। कोई हाथ खाली नहीं है। यह कहना है कि हनुमान गढ़ी की सौ साल पुरानी प्रसाद की दुकान चलाने वाले राकेश गुप्ता का। कहते हैं पिछले एक साल में प्रसाद की बिक्री दस गुना तक बढ़ गई है। दुकान पर राकेश दसवीं पीढ़ी हैं और बेटा भी 11वीं पीढ़ी के रूप काम संभाल रहा है।

विज्ञापन


राकेश कहते हैं कि पहले सभी दुकानें जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थी। महंत ज्ञानदास महाराज के आदेश पर सभी ने उन्हें नए सिरे से बनवा लिया है। बताते हैं कि उनके पूर्वज लकड़ी की डोलची लेकर बैठते थे। मंदिर के ठीक सामने विकास गुप्ता की प्रसाद की दुकान है। वह 35 सालों से हैं। कहते हैं कि रामजी की कृपा हो गई है, चार साल पहले तक पांच किलो भी देशी घी के लड्डू बिक जाते थे, तो ईश्वर को धन्यवाद देते थे। अब रोज 21 किलो भी कम पड़ जाते हैं। पहले सालभर सिर्फ कार्तिक पूर्णिमा स्नान मेले का इंतजार होता था, अब तो रोज ही मेला है।
विज्ञापन


दोगुनी हो गई बिक्री 
प्रसाद व्यापार से जुड़े व्यापारी बताते हैं कि हनुमान गढ़ी पर प्रसाद की 160 दुकानें हैं। राम की पैड़ी, सरयू घाट पर नागेश्वर मंदिर के आसपास 20 दुकानें और रामपथ व कनक भवन पर 10-10। कहते हैं, राममंिदर पर फैसला आने के बाद प्रसाद की बिक्री दोगुनी हो गई है। प्रसाद भी महंगा हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जबसे प्राण प्रतिष्ठा की तिथि घोषित हुई है, बिक्री दस गुना बढ़ गई है। पहले सालाना 25 करोड़ रुपये का प्रसाद व्यापार था। अब दो करोड़ रुपये पहुंच चुका है। पिछले एक साल में दुकानों का किराया भी दस गुना तक महंगा हो गया है। वहीं, फूलों के साथ माला की बिक्री भी बढ़ गई है। 


राकेश बताते हैं कि पहले हनुमान गढ़ी पर फूल माला की करीब 60 दुकानें तक थीं। अब 100 हैं। ऐसे ही छोटी देवकाली पर दस, नागेश्वर नाथ मंदिर, सरयू पर 30 व कनक भवन में पांच दुकानें। पहले एक माली दो से तीन किलो तक फूल की बिक्री करते थे। अब बिक्री 15 किलो से 30 किलो तक पहुंच गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed