Ayodhya Ram Mandir : डेढ़ साल में तैयार हो जाएंगे मंदिर, शिखर समेत रामायण के मूर्ति पात्र; चारों तरफ परकोटा
देश के करोड़ों लोग इसके साक्षी बने। मंदिर की दिव्यता और भव्यता भी देखी। मगर अभी इसकी भव्यता निखरना बाकी है। सोमवार को लोगों ने जितना राम मंदिर देखा यह सिर्फ उतना नहीं है। अभी तो सिर्फ प्रथम तल का काम पूरा हुआ है। द्वितीय तल तो अभी आकार ले रहा है। मंदिर का शिखर अभी बनना बाकी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोमवार को श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में रामलला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हो गया। देश के करोड़ों लोग इसके साक्षी बने। मंदिर की दिव्यता और भव्यता भी देखी। मगर अभी इसकी भव्यता निखरना बाकी है। सोमवार को लोगों ने जितना राम मंदिर देखा यह सिर्फ उतना नहीं है। अभी तो सिर्फ प्रथम तल का काम पूरा हुआ है। द्वितीय तल तो अभी आकार ले रहा है। मंदिर का शिखर अभी बनना बाकी है। दरअसल सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा के चलते लकड़ी, कपड़े और फूलों की मदद से मंदिर के शिखर और कुछ मूर्तियों को आकार दे दिया गया था। मूर्त रूप में आने में 2025 जून तक का समय लगेगा।
मंदिर निर्माण से जुड़े वास्तुकार आशीष सोमपुरा ने बताते हैं कि निर्धारित अनुकृति के अनुरूप तीन तल का यह मंदिर एक मुख्य शिखर और पांच उप शिखरों से युक्त होगा। मंदिर में 392 खंभे हैं। इनमें 166 खंभे भूतल पर, 136 प्रथम और 90 द्वितीय तल पर हैं। हर खंभे में देवी-देवताओं, नृत्यांगनाओं, देव कन्याओं, यक्ष व गंधर्वों की 12 से 16 मूर्तियां उकेरने का काम चल रहा है। भूतल पर तो यह काम लगभग हो गया है। मगर प्रथम और द्वितीय तल पर यह काम चल रहा है। डेढ़ साल में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मंदिर की सुंदरता और निखरकर सामने आएगी। वहीं शिखर का काम इसी सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा। इसी साल दिसंबर तक शिखर का काम पूरा हो जाएगा। बताया कि सोमवार को पूजन के समय जितना शिखर दिखाई दे रहा था, वास्तविक शिखर उससे काफी बड़ा होगा।
अब तक कितना भव्य निर्माण हुआ
70 एकड़ में बने राम मंदिर की नींव को तैयार करने में 2587 जगहों की मिट्टी का इस्तेमाल हुआ है। मंदिर में पांच आकर्षक मंडप नजर आते हैं। इनमें सभा मंडप, कीर्तन मंडप, नृत्य मंडप, रंग मंडप और प्रार्थना मंडप शामिल हैं। नागर शैली में निर्मित इस मंदिर में पूर्व से पश्चिम तक लंबाई करीब 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। खास बात है कि इसे बनाने में लोहे या स्टील का इस्तेमाल नहीं किया गया है ताकि इसी उम्र ज्यादा लंबी हो। मंदिर के भूतल से गर्भ गृह के शिखर की ऊंचाई 161 फीट है। पूरे मंदिर परिसर में 392 खंभे और 44 द्वार हैं। खंभों और दीवारों पर देवी देवताओं की मूर्तियां हैं। भूतल 160 खंभे, प्रथम तल पर 132 और दूसरे तल पर 74 खंभे हैं। पूरे मंदिर परिसर में 12 गेट हैं। मंदिर के चारों ओर तैयार होने वाले परकोटा की लंबाई 732 मीटर और चौड़ाई 14 फीट रहेगी।
वेद पाठशाला, यज्ञ मंडप का स्थान तय नहीं
श्रीराम मंदिर निर्माण के अलावा संग्रहालय, वेद पाठशाला, यज्ञ मंडप, सप्तऋषि, गोशाला और पुस्तकालय के स्थान का चयन होना अभी बाकी है। अब होने वाली बैठकों के इनके स्थानों का भी चयन किया जाएगा और उसके बाद इनका निर्माण शुरू होगा।
प्रथम तल पर बनेगा राम दरबार
प्रथम तल पर भगवार राम राज सिंहासन पर राजा के रूप में विराजेंगे। राम दरबार होगा, माता सीता रानी के रूप में होंगी। एक तरफ लक्ष्मण और दूसरी तरफ भरत व सामने शत्रुघ्न होंगे। इसके अलावा राम दरबार की जो परिकल्पना है। उसमें गुरू, मंत्रीगण वह भी इसमें शामिल होंगे। प्रोजेक्ट मैनेजर जगदीश आफले का कहना है कि दूसरा तल भक्तों के आने-जाने का नहीं होगा। गर्भगृह में दर्शन कर प्रथम तल पर भगवान राम को राजा के रूप में देख सकेंगे। दूसरा तल मंदिर की स्थिरता के लिए आवश्यक है। इसीलिए उसे बनाया गया है। बताया कि नागर शैली में निर्माण हो रहा ऐसा कोई मंदिर उत्तर भारत में नहीं है।
मंदिर के चारों तरफ बनेगा परकोटा
रामलला मंदिर के द्वितीय तल पर एक परकोटा का निर्माण होगा, जो मंदिर परिसर को चारों तरफ से घेरेगा। यह परकोटा भी मंदिर की खूबसूरती का अहम हिस्सा होगा. इस परकोटा में सात मंदिर बनाए जाएंगे। इन मंदिरों में भगवान विष्णु, शिव, ब्रह्मा, गणेश, हनुमान, दुर्गा और सरस्वती की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इस तरह रामलला के मंदिर में कई देवी-देवताओं के दर्शन होंगे। इसके अलावा राम मंदिर के अंदर भगवान राम से जुड़े सात पात्रों को भी स्थान दिया जाना है, लेकिन अभी तक वे तैयार नहीं हो सके हैं। ऐसे में मंदिर के पास तय स्थान पर सोमवार को महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, गोस्वामी तुलसीदास, अहिल्या, महर्षि अगत्स्य, निषादराज व शबरी के स्वरूप को कपड़े व लकड़ी से बनाया गया था। अब इनका निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
18,500 वर्ग फुट की भगवान श्रीराम की सजी विशाल रंगोली
जमशेदपुर। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर झारंखड के जमशेदपुर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान राम की विशाल रंगोली बनाई गई है। 18,500 वर्ग फुट की यह रंगोली 165 फुट लंबी और 125 फुट चौड़ी है। इसे बनाने में तीन टन से अधिक रंगों का इस्तेमाल किया गया। कलाकार विवेक मिश्रा ने इसे दो सप्ताह में तैयार किया है। सोमवार को केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने इसका उद्घाटन किया। एजेंसी
मुंबई के राम मंदिर पहुंचे इस्राइली महावाणिज्य दूत शोशानी, दी बधाई
मुंबई। इस्राइली महावाणिज्य दूत कोब्बी शोशानी सोमवार को मुंबई के वडाला स्थित श्रीराम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। साथ ही कहा कि जल्द ही अयोध्या भी जाएंगे। इस्राइली वाणिज्य दूत ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, जल्द ही अयोध्या जाऊंगा।
- वहीं, भारत में इस्राइली राजदूत नओर गिलोन ने सोशल मीडिया पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के एक मॉडल के साथ अपनी फोटो पोस्ट की और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर भारत के सभी नागरिकों को बधाई।