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Ayodhya Ram Mandir: सपने के पूरा होते ही आंसू नहीं रोक पाईं साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती, गले लगकर खूब रोईं
Mon, 22 Jan 2024 03:14 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 22 Jan 2024 03:14 PM IST
सार
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गले लगकर रोती हुईं साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती
- फोटो : ANI
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विस्तार
जब जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा होता है तो उसकी खुशी को बयां करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शुमार रहीं साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती भी भव्य राम मंदिर को अपनी आंखों के सामने देख अपने आंसू नहीं रोक पाई और दोनों नेता गले लगकर खूब रोईं। दोनों की तस्वीरें सामने आईं हैं। 6 दिसंबर 1992 को जब अयोध्या में लाखों कारसेवक पहुंचे थे तो कारसेवकों की भीड़ का नेतृत्व करने वालों में साध्वी ऋतंभरा और उमा भारती भी शामिल थीं।
'रामलला आ गए'
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है और रामलला के दिव्य और आलौकिक दर्शन हो गए हैं। इसके साथ ही भगवान राम का करीब 500 सालों का 'वनवास' भी खत्म हो गया है। राम मंदिर के इस महोत्सव में 1100 से अधिक गणमान्य लोग अयोध्या पहुंचे। इस फेहरिस्त में मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी जैसे व्यापार जगत के दिग्गज और अमिताभ बच्चन, रजनीकांत के साथ ही सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज हस्तियां पहुंची हैं। राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई अन्य प्रमुख लोग भी इस अयोध्या में शामिल नहीं हुए।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 'भारत के संविधान की पहली प्रति में भगवान राम विराजमान हैं। संविधान के अस्तित्व में आने के बाद भी दशकों तक प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को लेकर कानूनी लड़ाई चली। मैं भारत की न्यायपालिका का आभार व्यक्त करूंगा, जिसने न्याय की लाज रखी।' प्रधानमंत्री ने कहा 'गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हुआ राष्ट्र, अतीत के हर दंश से हौसला लेता हुआ राष्ट्र ही नए इतिहास का सृजन करता है। आज से हजार साल बाद भी लोग आज की तारीख को याद करेंगे और आज के इस पल की चर्चा करेंगे।'
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'रामलला आ गए'
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो गई है और रामलला के दिव्य और आलौकिक दर्शन हो गए हैं। इसके साथ ही भगवान राम का करीब 500 सालों का 'वनवास' भी खत्म हो गया है। राम मंदिर के इस महोत्सव में 1100 से अधिक गणमान्य लोग अयोध्या पहुंचे। इस फेहरिस्त में मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी जैसे व्यापार जगत के दिग्गज और अमिताभ बच्चन, रजनीकांत के साथ ही सचिन तेंदुलकर समेत कई दिग्गज हस्तियां पहुंची हैं। राम मंदिर आंदोलन के अगुआ रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई अन्य प्रमुख लोग भी इस अयोध्या में शामिल नहीं हुए।
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प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर में मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा 'भारत के संविधान की पहली प्रति में भगवान राम विराजमान हैं। संविधान के अस्तित्व में आने के बाद भी दशकों तक प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को लेकर कानूनी लड़ाई चली। मैं भारत की न्यायपालिका का आभार व्यक्त करूंगा, जिसने न्याय की लाज रखी।' प्रधानमंत्री ने कहा 'गुलामी की मानसिकता को तोड़कर उठ खड़ा हुआ राष्ट्र, अतीत के हर दंश से हौसला लेता हुआ राष्ट्र ही नए इतिहास का सृजन करता है। आज से हजार साल बाद भी लोग आज की तारीख को याद करेंगे और आज के इस पल की चर्चा करेंगे।'
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