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प्राण प्रतिष्ठा समारोह : भव्य मंदिर में रामायण काल के ऋषि-महर्षि होंगे विराजमान...बरसाएंगे श्रीराम पर कृपा
Fri, 05 Jan 2024 05:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 05 Jan 2024 05:41 AM IST
सार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम जन्मभूमि में ऐसे ऋषि-महर्षियों का मंदिर बनाने की तैयारी है, जिनका भगवान श्रीराम के जीवन पर प्रभाव रहा है। परिसर में महर्षि वशिष्ठ, वाल्मीकि, विश्वामित्र व अगस्त्य के भी मंदिर बनेंगे।
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रामजन्मभूमि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राम जन्मभूमि परिसर में रामायणकालीन ऋषि-महर्षि भी विराजमान होंगे और रामलला पर कृपा बरसाते नजर आएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम जन्मभूमि में ऐसे ऋषि-महर्षियों का मंदिर बनाने की तैयारी है, जिनका भगवान श्रीराम के जीवन पर प्रभाव रहा है। परिसर में महर्षि वशिष्ठ, वाल्मीकि, विश्वामित्र व अगस्त्य के भी मंदिर बनेंगे।
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इनका निर्माण राममंदिर के लोकार्पण के बाद शुरू होगा। ऋषि वाल्मीकि ने राम की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया था। वाल्मीकि के मंदिर के जरिये श्रीराम के समरसता का संदेश देने की भी कोशिश है।
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इससे पहले 30 दिसंबर को मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम भी बदलकर महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट कर दिया गया है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए पूजित अक्षत वितरण अभियान का शुभारंभ भी वाल्मीकि बस्ती से ही किया गया था। भगवान राम के कुल गुरु वशिष्ठ के काल में जितनी महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं, वे रामराज्य में सहायक बनीं। एक तरह से वे रामराज्य रूपी महल के संबल रहे।
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भगवान राम के जीवन में जिन चार गुरुओं का अहम प्रभाव रहा, उनका मंदिर राम जन्मभूमि परिसर में बनाए जाने की योजना है। इनके मार्गदर्शन में ही श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम बन पाए थे।
-डॉ. अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट