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Ram Mandir: सिविल जज बीर सिंह के फैसले की नींव पर खड़ा हुआ राममंदिर, इतना अहम क्यों 74 साल पहले का यह निर्णय?

Thu, 11 Jan 2024 08:58 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 11 Jan 2024 08:58 AM IST
सार

फैजाबाद के तत्कालीन सिविल जज बीर सिंह मुजफ्फरनगर के दूधली गांव में जन्मे थे। किसान परिवार के बेटे ने इन्साफ की कलम से अमिट हस्ताक्षर कर दिए।

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Ayodhya Ram Mandir Ram temple built on foundation of civil judge Bir Singh s decision
Ram Mandir - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

प्राण प्रतिष्ठा की घड़ी आ गई है। 74 साल पहले सुरक्षित दर्शन और मूर्ति हटाने पर रोक लगाने वाले फैजाबाद के तत्कालीन सिविल जज बीर सिंह मुजफ्फरनगर के दूधली गांव में जन्मे थे। किसान परिवार के बेटे ने इन्साफ की कलम से अमिट हस्ताक्षर कर दिए। बीर सिंह के बेटे केके सिंह भी फैजाबाद के जिला जज रहे। मदन बालियान/संजय गर्ग की रिपोर्ट...

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दूधली आजादी के नायकों का गांव है। यहां की दहलीज से निकले सैनिकों ने पूरे जज्बे से देश सेवा की। बीर सिंह इंग्लैंड से बार एट लॉ की उपाधि प्राप्त कर जज बने थे। फैजाबाद में सिविल जज रहते हुए बीर सिंह ने 16 जनवरी, 1950 में विवादित स्थल से मूर्ति हटाने पर रोक लगाई थी। उनके भतीजे प्रयागराज में अपर शासकीय अधिवक्ता राजबहादुर सिंह बताते हैं कि तब श्रद्धालु गोपाल सिंह विशारद और पुजारी रामचंद्र दास परमहंस के केस में सिविल जज ने कमीशन भेजकर रिपोर्ट तलब की और कानून के दायरे में मूर्ति हटाने पर रोक लगाकर पूजा करने की अनुमति दी थी। फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन सिविल जज के आदेश को कानून सम्मत माना गया।

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हरिद्वार जाते हुए घर पहुंच गए परमहंस 
राजबहादुर के अनुसार राम मंदिर आंदोलन के दौरान हरिद्वार जाते हुए परमहंस बीर सिंह के आवास पर पहुंचे थे। पूर्व प्रधान महेंद्र सिंह बताते हैं, बीर सिंह कहते थे कि अगर जज पैसा ले लेगा, तो बेड़ा गर्क हो जाएगा।

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राय साहब के परिवार ने लिखी नई इबारत
दूधली के ठाकुर लेखपाल सिंह अंग्रेजी शासन में राय साहब के नाम से मशहूर हुए। वह ग्रामीण क्षेत्र के पहले स्नातक थे। अंग्रेजी हुकूमत में पटवारी भर्ती होकर कलक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके पांच पुत्रों में बीर सिंह सबसे छोटे थे। दूसरे ब्रह्म सिंह किसान, तीसरे बीबी सिंह ब्रिटिश काल में आईसीएस अफसर रहे। चौथे दुर्गा सिंह कृषि इंस्पेक्टर और पांचवें चंद रूप सिंह सरकारी नौकर थे। न्यायाधीश बीर सिंह के बेटे केके सिंह तत्कालीन फैजाबाद में जिला जज भी रहे।

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राय साहब के परिवार ने लिखी नई इबारत
दूधली के ठाकुर लेखपाल सिंह अंग्रेजी शासन में राय साहब के नाम से मशहूर हुए। वह ग्रामीण क्षेत्र के पहले स्नातक थे। अंग्रेजी हुकूमत में पटवारी भर्ती होकर कलक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके पांच पुत्रों में बीर सिंह सबसे छोटे थे। दूसरे ब्रह्म सिंह किसान, तीसरे बीबी सिंह ब्रिटिश काल में आईसीएस अफसर रहे। चौथे दुर्गा सिंह कृषि इंस्पेक्टर और पांचवें चंद रूप सिंह सरकारी नौकर थे। न्यायाधीश बीर सिंह के बेटे केके सिंह तत्कालीन फैजाबाद में जिला जज भी रहे।

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