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Ram Mandir: पूरी होगी मोदी की तीन दशक पुरानी प्रतिज्ञा... साल 1992 को जन्मभूमि में रामलला को देख लिया था प्रण
Wed, 03 Jan 2024 09:22 AM IST
शाहरुख खान
आदर्श शुक्ल, अमर उजाला, अयोध्या
आदर्श शुक्ल, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 03 Jan 2024 09:22 AM IST
सार
Ayodhya Ram Mandir: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दशक पुरानी प्रतिज्ञा पूरी होगी। पीएम मोदी ने 14 जनवरी 1992 को जन्मभूमि में रामलला को देखकर भावपूर्ण प्रतिज्ञा ली थी।
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Ayodhya Ram Mandir
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
22 जनवरी को भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तीन दशक पुराना प्रण भी पूरा होगा। मोदी इस दिन नए मंदिर में मुख्य यजमान के रूप में रामलला की आंखों से पट्टी हटाए जाने के बाद पहला दर्शन करेंगे।
इसी के साथ 14 जनवरी 1992 को जन्मभूमि में रामलला के सामने ली गई उनकी भावपूर्ण प्रतिज्ञा साकार हो जाएगी। 11 दिसंबर 1991 में कन्याकुमारी से शुरू हुई भाजपा की एकता यात्रा 14 जनवरी 92 को अयोध्या पहुंची थी।
इस यात्रा में मुरली मनोहर जोशी के साथ आरएसएस के पूर्व प्रचारक व गुजरात भाजपा के महासचिव के रूप में नरेंद्र मोदी भी आए थे। तब वह जन्मभूमि में दर्शन करने गए थे। इस दौरान प्रतिज्ञा ली कि अब मंदिर में विराजमान होने के बाद दर्शन करने आएंगे।
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मॉरीशस में राम मंदिर पर की थी मन की बात
25 सितंबर 1990 में जब भाजपा अध्यक्ष के तौर पर लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या के लिए राम रथयात्रा शुरू की तो इसके मुख्य सूत्रधार मोदी ही रहे। तब वह संघ के पूर्व प्रचारक और गुजरात भाजपा के संगठन महासचिव के रूप में काम कर रहे थे। वर्ष 1998 में मोदी मॉरीशस में अंतरराष्ट्रीय रामायण कांफ्रेंस में गए थे। वहां उन्होंने रामलला और उनकी जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर अपने मन की बात की थी।
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इसी के साथ 14 जनवरी 1992 को जन्मभूमि में रामलला के सामने ली गई उनकी भावपूर्ण प्रतिज्ञा साकार हो जाएगी। 11 दिसंबर 1991 में कन्याकुमारी से शुरू हुई भाजपा की एकता यात्रा 14 जनवरी 92 को अयोध्या पहुंची थी।
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इस यात्रा में मुरली मनोहर जोशी के साथ आरएसएस के पूर्व प्रचारक व गुजरात भाजपा के महासचिव के रूप में नरेंद्र मोदी भी आए थे। तब वह जन्मभूमि में दर्शन करने गए थे। इस दौरान प्रतिज्ञा ली कि अब मंदिर में विराजमान होने के बाद दर्शन करने आएंगे।
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मॉरीशस में राम मंदिर पर की थी मन की बात
25 सितंबर 1990 में जब भाजपा अध्यक्ष के तौर पर लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से अयोध्या के लिए राम रथयात्रा शुरू की तो इसके मुख्य सूत्रधार मोदी ही रहे। तब वह संघ के पूर्व प्रचारक और गुजरात भाजपा के संगठन महासचिव के रूप में काम कर रहे थे। वर्ष 1998 में मोदी मॉरीशस में अंतरराष्ट्रीय रामायण कांफ्रेंस में गए थे। वहां उन्होंने रामलला और उनकी जन्मभूमि अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर अपने मन की बात की थी।
अयोध्या की सुरक्षा से समझौता नहीं : योगी
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि अयोध्या की सुरक्षा और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को अलौकिक, अभूतपूर्व और अविस्मरणीय बनाना है। आज पूरी दुनिया अयोध्या की ओर उत्सुकता से देख रही है। हर कोई अयोध्या आना चाहता है।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कहा कि अयोध्या की सुरक्षा और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को अलौकिक, अभूतपूर्व और अविस्मरणीय बनाना है। आज पूरी दुनिया अयोध्या की ओर उत्सुकता से देख रही है। हर कोई अयोध्या आना चाहता है।
यह यूपी की ग्लोबल ब्रांडिंग का सुअवसर भी है। लिहाजा समारोह में आने वाले अतिथियों तथा उसके बाद पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के आगमन को सुखद अनुभव बनाने के लिए राज्य सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
हेलिकॉप्टर सेवा से जोड़ें
योगी ने कहा कि अयोध्या आगमन के लिए प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ से वॉल्वो बसों और हेलिकॉप्टर सेवा से जोड़ने के लिए तैयारी करें। अयोध्या में तीन हेलीपैड तैयार हैं, इनका समुचित उपयोग होना चाहिए।
योगी ने कहा कि अयोध्या आगमन के लिए प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ से वॉल्वो बसों और हेलिकॉप्टर सेवा से जोड़ने के लिए तैयारी करें। अयोध्या में तीन हेलीपैड तैयार हैं, इनका समुचित उपयोग होना चाहिए।
समारोह तथा उसके बाद अयोध्या में पुख्ता सुरक्षा के इंतजाम होने चाहिए। सेफ सिटी परियोजना तत्काल लागू करें। सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। अयोध्या के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को एक्टिव करें। सरयू जी की आरती को व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जाए। अर्चकों का प्रशिक्षण कराएं। अयोध्या का एक डिजिटल टूरिस्ट एप विकसित करें।
होटलों में सिर्फ अतिथियों व मीडिया समूहों की होगी बुकिंग
उधर, डीएम नितीश कुमार ने जिले के सभी होटल संचालकों से कहा कि 22 जनवरी के लिए बुकिंग सिर्फ आमंत्रित अतिथियों व मीडिया समूहों की होनी चाहिए। यहां आने वाले अतिथियों से अच्छा व्यवहार हो। उन्हें सुगमता के साथ बेहतरीन सुविधा व व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों व होटल मालिकों के साथ बैठक कर रहे थे। डीएम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम पर समूचे विश्व की निगाहें हैं।
हम सभी का कर्तव्य है कि यहां आने वाले अतिथि, श्रद्धालु व पर्यटक अयोध्या की संस्कृति और आतिथ्य भाव के सुखद एहसास को लेकर जाएं। सभी होटल मालिकों ने ट्रस्ट व प्रशासन के समन्वय से ऐसा करने के प्रति आश्वस्त किया। बैठक में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, एडीएम सिटी सलिल पटेल, एसपी मधुबन सिंह व नगर मजिस्ट्रेट अरविंद द्विवेदी मौजूद रहे।