फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Ayodhya Ram Mandir Inauguration Special Interview of Sculpture Artiste Who is Carving Ram Statue

Interview: मूर्तिकार बोले- रामलला की मूर्ति के लिए पत्थर मकराना का, लेकिन उसके साथ भावनाएं भी आकार ले रहीं

Fri, 29 Dec 2023 05:39 PM IST
Ashish Kulshrestha आशीष कुलश्रेष्ठ
Updated Fri, 29 Dec 2023 05:39 PM IST
सार

Ayodhya Ram Mandir Pran Pratishtha: अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होने वाली है। पांच फीट की तीन मूर्तियां बन रही हैं, जिनमें से एक की स्थापना गर्भगृह में होगी। इन तीन में एक मूर्ति को जयपुर के कलाकार बना रहे हैं। 
 

विज्ञापन
Ayodhya Ram Mandir Inauguration Special Interview of Sculpture Artiste Who is Carving Ram Statue
ग्राफिक्स - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस आयोजन में मौजूद रहेंगे। रामलला कैसे दिखेंगे, यह अब भी सस्पेंस बना हुआ है। अब तक इतना ही साफ हुआ है कि तीन मूर्तियां बन रही हैं। इनमें से एक मूर्ति जयपुर के पांडे मूर्ति भंडार के कलाकार बना रहे हैं। दो अन्य मूर्तियों को कर्नाटक के कलाकार बना रहे हैं। पांडे मूर्ति भंडार के सत्यनारायण पांडे सफेद मकराना पत्थर पर रामलला को आकार दे रहे हैं। अमर उजाला ने पांडे मूर्ति भंडार के प्रसून पांडे से बातचीत की। उनसे जाना कि किस तरह की मूर्ति बन रही है। राम मंदिर ट्रस्ट ने उन्हें किस तरह के निर्देश दिए हैं। पेश है उनसे बातचीत के मुख्य अंश- 

विज्ञापन


आपको यह मौका मिला है, आप खुद को कितना भाग्यशाली मान रहे हैं? 
प्रसून पांडेः मैं क्या ही बोलूं। यह भगवान का आशीर्वाद ही है, जो हमें यह काम करने का मौका मिला है। पिछले छह महीने से हम बहुत मेहनत कर रहे हैं। हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी कि भगवान राम जी के छह वर्षीय स्वरूप को पत्थर में कैसे गढ़ेंगे? हमने सोचा नहीं था कि हमें यह मौका मिलेगा। यह भगवान का ही आशीर्वाद है। हमारे दादाजी का आशीर्वाद है, जिन्होंने हमें यह अच्छे संस्कार दिए हैं और ऐसा अच्छा काम हम कर रहे हैं। 
विज्ञापन


कौन-सा पत्थर है, जिसमें आप रामलला को तराश रहे हैं?
प्रसून पांडेः बहुत-से पत्थर आते हैं। हमारा जो 40 वर्षों का अनुभव है, उसमें मकराना मार्बल सबसे अच्छा पत्थर है। उससे अच्छा काम करने के लिए पत्थर ही नहीं है। उसमें काम करने में जो भावनाएं होती हैं कि मेरे पास शब्द नहीं है बोलने के लिए। रंग के बाद जब पॉलिश होती है तो जो मूर्ति बनकर सामने आती है, वह अद्भुत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राम जी की मूर्ति कितने बड़े होंगे, क्या उम्र होगी?
प्रसून पांडेः भगवान रामलला की जो मूर्ति होगी वह पांच से आठ साल के बीच के बालक की होगी। यह भगवान राम का बाल रूप होगा। रामलला की ऊंचाई करीब पांच फीट रहेगी। नीचे कमल होगा। डिटेल्स तो नहीं बता सकता। वह आपको समय के साथ पता चल जाएगा। कमल के साथ मिलाकर रामलला का कद पांच फीट दो इंच हो जाएगी। 

कैसे बनाई जाती है मूर्ति?
प्रसून पांडेः मकराना पत्थर लेते हैं तो वह सिर्फ शिला होती है। जो भी हमें बताया जाता है, उसे हम अपने अंदर धारण करते हैं। हमारी जो भावनाएं होती हैं, वह आकार लेती हैं। फिर हम भगवान का स्वरूप उस मूर्ति को दे पाते हैं। 

कितने लोग मिलकर रामलला की मूर्ति को आकार दे रहे हैं?
प्रसून पांडेः ढांचा निकालने के अलग आर्टिस्ट होते हैं। मेरे ताऊजी, दो भाई ढांचा निकाल रहे हैं। ताऊजी खुद आर्टिस्ट हैं। वह डायरेक्शन देते हैं। आकार देने के बाद अंगुलियों के आकार से लेकर पेट, पैरों को आकार देते हैं। कार्विंग का अलग आर्टिस्ट होता है। अंगुलियों और नाखून के अलग आर्टिस्ट होते हैं। चेहरे के अलग आर्टिस्ट होते हैं। पूरी मूर्ति अखंड शिला से बनाई जाती है। पिछले छह से आठ महीने से काम चल रहा है। जो रेफरेंस हमें मिले हैं। कैसा रामलला का स्वरूप होगा, यह बताया गया है। उसे ध्यान में रखकर रामलला को आकार दे रहे हैं। 

रामलला के स्वरूप के रेफरेंस कहां से मिले हैं?
प्रसून पांडेः मैं यह नहीं बता सकता कि एक जगह से मिले हैं। वाल्मीकि रामायण और तुलसी रामायण से भी हमें रेफरेंस मिले हैं। हमें ज्ञात नहीं है कि उनका वास्तविक स्वरूप क्या है? हमारी आर्टिस्टिक अप्रौच और अनुभव के आधार पर हम ढांचा निकालते हैं। उदाहरण के लिए हम सबका शारीरिक ढांचा अलग है। सबका रेफरेंस लेना पड़ता है। भगवान राम की मूर्ति बना रहे हैं, तो हमें वह ध्यान रखना पड़ता है। जैसा हमें राम मंदिर ट्रस्ट से रेफरेंस दिया गया है, उसे ध्यान में रखकर ही मूर्ति बना रहे हैं। फुलप्रूफ प्लान बनाकर हमने इस पर काम किया है। 

आपके अलावा और कौन काम कर रहा है?
प्रसून पांडेः कर्नाटक की टीमें हैं। वह काले पत्थर पर काम कर रही हैं। हम सफेद पत्थर पर काम कर रहे हैं। अब वहां कौन-से रामलला विराजेंगे, यह भगवान ही तय करेंगे। 


बाकी दो मूर्तियां रह जाएंगी, उनका क्या होगा?
प्रसून पांडेः तीनों ही मूर्तियों की स्थापना होगी। रामलला की एक मूर्ति गर्भगृह में होगी। दर्शन उनके होंगे। एक मूर्ति शोभायात्रा के लिए रहेगी। तीसरी मूर्ति का तय होना है कि वह कहां लगेगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed