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Ayodhya Security: मंदिर की सुरक्षा के लिए सरयू की लहरों पर सर्विलांस रूम; 7 एजेंसियां, आतंकी गतिविधियों पर नजर
Tue, 09 Jan 2024 01:35 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 09 Jan 2024 01:35 PM IST
सार
Ayodhya Ram Mandir Security: प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियों के क्रम में सोमवार को पहले चरण में 347 पुलिसकर्मी अयोध्या पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक (नगर) मधुबन सिंह ने बताया कि दूसरे चरण में 12 जनवरी व तीसरे चरण में 18 जनवरी को पुलिस बल अयोध्या पहुंचेगा। अन्य जवानों के आने का सिलसिला भी जारी है।
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Ayodhya Ram Mandir
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरी अयोध्या सुरक्षा के घेरे में रहेगी। सात बड़ी सुरक्षा एजेंसियां रामनगरी के विभिन्न इलाकों में छानबीन में जुटी हैं। इसके अलावा जिले की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ाई गई है। आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी करके ही प्रवेश दिया जा रहा है।
जिले के विभिन्न इलाकों में बने होटल, लॉज व धर्मशालाओं में भी टीमें छानबीन कर रही हैं। यहां ठहरे व बुकिंग कराए लोगों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, राम मंदिर की सुरक्षा के लिए सरयू की लहरों पर अत्याधुनिक तकनीक वाले सर्विलांस रूम बनेंगे। इनके माध्यम से चौधरी चरण सिंह घाट से गुप्तार घाट तक नदी की निगरानी की जाएगी।
प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी की फ्लीट के रूट पर भी पुलिस टीमें जांच-पड़ताल कर रही हैं। प्राण प्रतिष्ठा के दिन यहां देश और दुनिया के विशिष्टजन उपस्थित होंगे। इसके बाद यहां प्रतिदिन एक से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
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प्रदेश के अन्य जिलों से 100 उपाधीक्षक, 300 निरीक्षक, 800 उपनिरीक्षक व 4500 मुख्य आरक्षी व आरक्षियों की मांग की गई है। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, सीआरपीएफ, एसटीएफ, एटीएस, एनआईए, एनडीआरएफ के जवान भी बड़ी संख्या में रामनगरी में मोर्चा संभालेंगे।
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जिले के विभिन्न इलाकों में बने होटल, लॉज व धर्मशालाओं में भी टीमें छानबीन कर रही हैं। यहां ठहरे व बुकिंग कराए लोगों का भी सत्यापन कराया जा रहा है। वहीं, राम मंदिर की सुरक्षा के लिए सरयू की लहरों पर अत्याधुनिक तकनीक वाले सर्विलांस रूम बनेंगे। इनके माध्यम से चौधरी चरण सिंह घाट से गुप्तार घाट तक नदी की निगरानी की जाएगी।
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प्रधानमंत्री और अन्य वीवीआईपी की फ्लीट के रूट पर भी पुलिस टीमें जांच-पड़ताल कर रही हैं। प्राण प्रतिष्ठा के दिन यहां देश और दुनिया के विशिष्टजन उपस्थित होंगे। इसके बाद यहां प्रतिदिन एक से दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
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प्रदेश के अन्य जिलों से 100 उपाधीक्षक, 300 निरीक्षक, 800 उपनिरीक्षक व 4500 मुख्य आरक्षी व आरक्षियों की मांग की गई है। इसके अलावा पीएसी, आरएएफ, सीआरपीएफ, एसटीएफ, एटीएस, एनआईए, एनडीआरएफ के जवान भी बड़ी संख्या में रामनगरी में मोर्चा संभालेंगे।
तैयारियों के क्रम में सोमवार को पहले चरण में 347 पुलिसकर्मी अयोध्या पहुंच गए। पुलिस अधीक्षक (नगर) ने बताया कि दूसरे चरण में 12 जनवरी व तीसरे चरण में 18 जनवरी को 5300 जवान अयोध्या पहुंचेंगे। अन्य जवानों के आने का सिलसिला भी जारी है। इन्हें सुरक्षा के लिहाज से अलग-अलग स्थानों पर जिम्मेदारी दी जा रही है।
आतंकी गतिविधियों पर नजर
नदी के रास्ते अयोध्या में कोई अवांछनीय तत्व आतंकी गतिविधियों के इरादे से प्रवेश न करने पाए, इसके लिए उच्च स्तर की तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
सर्विलांस रूम का निर्माण इसी रणनीति का हिस्सा है। इसका निर्माण नदी की लहरों पर जेटी के ऊपर किया जा रहा है।
नदी में बाढ़ आने की स्थिति में जेटी के साथ यह रूम भी ऊपर आ जाएंगे। पानी कम होगा तो यह स्वतः नीचे हो जाएंगे।
नदी के रास्ते अयोध्या में कोई अवांछनीय तत्व आतंकी गतिविधियों के इरादे से प्रवेश न करने पाए, इसके लिए उच्च स्तर की तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
सर्विलांस रूम का निर्माण इसी रणनीति का हिस्सा है। इसका निर्माण नदी की लहरों पर जेटी के ऊपर किया जा रहा है।
नदी में बाढ़ आने की स्थिति में जेटी के साथ यह रूम भी ऊपर आ जाएंगे। पानी कम होगा तो यह स्वतः नीचे हो जाएंगे।
103 स्कूलों में रुकेगी पुलिस, 20 दिन बाधित रहेगी पढ़ाई
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बाहरी जिलों से आने वाले फोर्स को ठहराने की कसरत शुरू हो गई है। इसके लिए जिले के 103 स्कूलों का अधिग्रहण किया जा रहा है। एसएसपी ने जरूरत बताई तो जिला विद्यालय निरीक्षक ने संबंधित स्कूलों को पत्र भेज दिया। 10 जनवरी से 20 दिन के लिए इन स्कूलों में जवानों का डेरा रहेगा। इस दौरान शिक्षण कार्य बाधित रहेगा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान बाहरी जिलों से आने वाले फोर्स को ठहराने की कसरत शुरू हो गई है। इसके लिए जिले के 103 स्कूलों का अधिग्रहण किया जा रहा है। एसएसपी ने जरूरत बताई तो जिला विद्यालय निरीक्षक ने संबंधित स्कूलों को पत्र भेज दिया। 10 जनवरी से 20 दिन के लिए इन स्कूलों में जवानों का डेरा रहेगा। इस दौरान शिक्षण कार्य बाधित रहेगा।
जिले में पुलिस, पीएसी, आरएएफ, सीआरपीएफ के जवानों के जत्थे आने लगे हैं। इनके लिए नगर कोतवाली क्षेत्र के सर्वाधिक 14, कैंट के 12, रुदौली के 11, पूराकलंदर के 10, इनायतनगर के नौ, गोसाईगंज व रौनाही के आठ-आठ, कोतवाली अयोध्या, बीकापुर व खंडासा के छह-छह, कुमारगंज व महाराजगंज के पांच-पांच व तारुन थाना क्षेत्र के तीन स्कूल लिए जाने जा रहे हैं। प्रत्येक स्कूल के चार-पांच कमरों में 100-100 पुलिसकर्मी रुकेंगे।
15 जनवरी से पथों पर उतरेगा ई-बसों का बेड़ा
श्रीराम जन्मभूमि को जाने वाले पथों पर 15 जनवरी से ई-बसों का बेड़ा उतार दिया जाएगा। ये बसें एक दिन पहले 14 जनवरी को अयोध्या पहुंच जाएंगी। पहले चरण में ई-बसों को रामपथ और धर्मपथ पर चलाया जाएगा। रामपथ पर शहर के इंट्री प्वाइंट सहादतगंज से अयोध्याधाम तक और धर्मपथ पथ के इंट्री प्वाइंट साकेत पेट्रोल पंप तक चलेंगी। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि दोनों पथों को हर हाल में 13 जनवरी तक तैयार करने के लिए कहा गया है। रात-दिन काम करवाकर पथों के निर्माण को पूरा कराया जा रहा है। संवाद
श्रीराम जन्मभूमि को जाने वाले पथों पर 15 जनवरी से ई-बसों का बेड़ा उतार दिया जाएगा। ये बसें एक दिन पहले 14 जनवरी को अयोध्या पहुंच जाएंगी। पहले चरण में ई-बसों को रामपथ और धर्मपथ पर चलाया जाएगा। रामपथ पर शहर के इंट्री प्वाइंट सहादतगंज से अयोध्याधाम तक और धर्मपथ पथ के इंट्री प्वाइंट साकेत पेट्रोल पंप तक चलेंगी। जिलाधिकारी नितीश कुमार ने बताया कि दोनों पथों को हर हाल में 13 जनवरी तक तैयार करने के लिए कहा गया है। रात-दिन काम करवाकर पथों के निर्माण को पूरा कराया जा रहा है। संवाद