{"_id":"65a2f4bf0f4a89ca44099148","slug":"ayodhya-devotees-will-not-be-able-to-go-to-the-second-floor-of-ram-temple-2024-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya : राममंदिर के दूसरे तल पर नहीं जा सकेंगे श्रद्धालु, अनुष्ठानों के लिए खोला जाएगा, बाकी समय रहेगा बंद","category":{"title":"Ram Mandir","title_hn":"राम मंदिर","slug":"ram-mandir"}}
Ayodhya : राममंदिर के दूसरे तल पर नहीं जा सकेंगे श्रद्धालु, अनुष्ठानों के लिए खोला जाएगा, बाकी समय रहेगा बंद
Sun, 14 Jan 2024 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 14 Jan 2024 02:09 AM IST
सार
भूतल में रामलला की स्थापना होगी। प्रथम तल पर रामदरबार की स्थापना की जाएगी। दूसरे तल को खाली रखा जाएगा। इसका उपयोग केवल अनुष्ठानों के लिए ही किया जाएगा। शेष समय इसे बंद रखा जाएगा।
विज्ञापन
राममंदिर का मॉडल।-संवाद
- फोटो : FAIZABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रामजन्मभूमि परिसर में निर्माणाधीन राममंदिर के दूसरे तल पर श्रद्धालु नहीं जा सकेंगे। तीन मंजिला राम मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा। भूतल में रामलला की स्थापना होगी। प्रथम तल पर रामदरबार की स्थापना की जाएगी। दूसरे तल को खाली रखा जाएगा। इसका उपयोग केवल अनुष्ठानों के लिए ही किया जाएगा। शेष समय इसे बंद रखा जाएगा।
विज्ञापन
राममंदिर का भूतल बनकर तैयार हो चुका है। 22 जनवरी को भूतल के भव्य गर्भगृह में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी। वहीं प्रथम तल का भी 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। तीन महीने में प्रथम तल बनकर तैयार हो जाएगा। प्रथम तल में राम दरबार की स्थापना की जानी है। इसके लिए सिंहासन बनाने का काम शुरू हो चुका है। राम जन्मभूमि के पुजारी रोजाना सिंहासन की पूजा-अर्चना भी करने लगे हैं। प्रथम तल में श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व हनुमान की मूर्ति स्थापित की जाएगी। राममंदिर के ट्रस्टी डॉ़ अनिल मिश्र ने बताया कि मंदिर के दूसरे तल की ऊंचाई काफी ज्यादा हो जाएगी, इसको देखते हुए दूसरे तल पर श्रद्धालुओं को नहीं जाने दिया जाएगा। यह तल पूजा-पाठ और अनुष्ठान के लिए प्रयोग किया जाएगा, बाकी समय इसे बंद रखा जाएगा।
विज्ञापन
14 लाख रंगीन दीपों से उकेरी गई भगवान श्रीराम की आकृति
अयोध्या। साकेत महाविद्यालय के मैदान में 14 लाख रंग-बिरंगे दीपों से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर व प्रभु श्रीराम की आकृति उकेरी गई। इसके बाद लोगों ने आकृति के किनारे सजे दीपों को एक साथ जलाया तो परिसर जगमगा उठा। इस आयोजन के जरिए एक नया विश्व रिकार्ड बनाने की कोशिश की गई है, जिसके लिए टीमें आंकलन कर रही हैं। केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे के नेतृत्व में भागलपुर से श्रीराम अविर्भाव यात्रा और बक्सर से निकाली गई श्रीराम अभ्युदय यात्रा शनिवार की सायंकाल अयोध्या पहुंची। शाम को यह यात्रा साकेत महाविद्यालय पहुंची और श्रीराम कर्मभूमि न्यास व अयोध्या महोत्सव न्यास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुई।
विज्ञापन
पदवेश सहेजने के लिए बन रहे 100 ब्लॉक
मेहमानों के पदवेश यानी जूता-चप्पल सहेजने के लिए परिसर में 100 ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। हर ब्लॉक में 100 झोले रहेंगे। झोले में ही पदवेश रखे जाएंगे। हर एक मेहमान को टोकन व क्रमांक नंबर दिया जाएगा। लौटने पर टोकन नंबर दिखाने पर उनका पदवेश उन्हें मिल जाएगा। यह व्यवस्था संभालने के लिए संघ के 15 कार्यकर्ता लगाए जाएंगे।
पीएम मोदी के गांव से पहुंची अखंड ज्योति, राममंदिर को समर्पित
अयोध्या। प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरे देश से रामभक्त अपनी आस्था अर्पित करने अयोध्या पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में पीएम नरेंद्र मोदी के गांव वडनगर के हटकेश्वर महादेव के मंदिर (गुजरात) से दस युवक पैदल चलकर अखंड ज्योति और राममंदिर मॉडल के साथ अयोध्या पहुंचे हैं। युवकों ने 1300 किलोमीटर का सफर 46 दिन में तय किया है। पैदल यात्रा के संयोजक पवन चौधरी ने बताया कि 27 नवंबर को यात्रा लेकर निकले थे। इस ज्योति को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित किया गया है।