फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Amar Ujala special conversation about Ram with the employees of Municipal Corporation of Ayodhya

Ayodhya Ground Report: राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी...गंदा हो गया तो?, 'अयोध्या के योद्धा' बोले-हम हैं ना

Sun, 21 Jan 2024 05:22 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 21 Jan 2024 05:22 AM IST
सार

अयोध्या के नगर निगम कर्मचारियों से अमर उजाला की टीम ने खास बातचीत की। इनसे जब पूछा कि आपकी नजर में राम क्या हैं? इस पर जो जवाब मिला उसने पढ़कर आप भी सोचने को मजबूर को जाएंगे... 

विज्ञापन
Amar Ujala special conversation about Ram with the employees of Municipal Corporation of Ayodhya
अयोध्या नगर निगम के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मैं हनुमान गढ़ी से लता चौक की ओर कड़कड़ाती ठंड में जा रहा था। अचानक से देखा तो एक व्यक्ति अपने कपड़े उतार रहा है। उसको देखकर तो एक बार को पूरे बदन में सरसरी सी दौड़ गई। जहां आदमी के पैर का एक छोटा सा हिस्सा रजाई से बाहर हो जाए तो ठंड में बर्दाश्त नहीं कर पा रहा ऐसे में ऐसा कोई क्यों कर रहा है। थोड़ा ध्यान से देखा तो उसके आगे एक ट्रक खड़ा था, उस पर लिखा था 'अयोध्या नगर निगम'। थोड़ी देर के लिए वहीं पर खड़ा हो गया और देखने लगा। जिस व्यक्ति ने अपने कपड़े उतारे थे उसको एक विशेष प्रकार के उपकरणों के साथ तैयार किया जाने लगता है। मामला समझ में आ गया था की ये सीवर में उतरकर सफाई करने वाले हैं। मन किया तो सीवर में झांककर देखा। एक पल को तो ये सोचकर डर लगा कि ये व्यक्ति इतनी गहराई में उतरने वाला है। इस बीच उसको तैयार करने का काम लगातार चल रहा था। कोई उसे रस्सी के सपोर्ट सिस्टम से बांध रहा था तो कोई उसे ऑक्सीजन मास्क लगाने की तैयारी कर रहा था।

विज्ञापन

Amar Ujala special conversation about Ram with the employees of Municipal Corporation of Ayodhya
अयोध्या नगर निगम के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

इस दौरान मैंने जल निगम और नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे इस सफाई अभियान के बारे में इस टीम का नेतृत्व कर रहे तिलक राम बोहरी से बात की। उन्होंने कहा कि यहां पर सीवर जाम हो गया है, इसलिए हम साथी को अब इसके अंदर उतार रहे हैं। मैंने उनसे जानना चाहा कि आपकी टीम में कौन-कौन है। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र, पप्पू, रामचंद्र और जयचंद्र। मैंने कहा आप अपने साथी पप्पू को सफाई के लिए नीचे भेज रहे हैं, इसमें खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि हम सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखते हैं कि हमारे साथी को किसी तरह से नुकसान न पहुंचे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Amar Ujala special conversation about Ram with the employees of Municipal Corporation of Ayodhya
इसी नाले की सफाई में जुटे थे नगर निगम के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

पहले तो मुझे पप्पू से बात करने से रोका गया। बाद में जब उनको लगा कि नहीं ये सिर्फ हमारी भावनाओं को जानना चाहते हैं तो फिर उन्होंने इसकी इजाजत दे दी। मैंने उससे पूछा भाई आपको डर नहीं लग रहा। वो मुझे देखकर मुस्कुराया और बोला, अरे सर- ये तो रोज का है। इसी बीच मैंने टीम के लोगों से जानना चाहा कि आपकी नजर में राम क्या हैं? इतने सारे लोग अयोध्या आ रहे हैं, हो सकता है आने वाले दिनों में और गंदी हो। तो उनके चेहरे पर एक आत्मविश्वास के साथ मुस्कान उभरकर आई। उन्होंने कहा आने दो सर, हम सब देख लेंगे। अयोध्या को गंदा नहीं होने देंगे। तिलक राम एक बार फिर से बोले- सर हम धन्य हो गए हैं कि हम इस काम को राम की नगरी में कर रहे हैं। वैसे काम तो काम है। हमारा सौभाग्य ये है कि हम इसे अयोध्या में कर रहे हैं। हम सिर्फ नौकरी के लिए इसे नहीं कर रहे हैं। हम इसे राम के लिए कर रहे हैं। मैंने भी कहा- सही है, सबके अपने-अपने राम।

विज्ञापन

Amar Ujala special conversation about Ram with the employees of Municipal Corporation of Ayodhya
अयोध्या नगर निगम के कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

इसके बाद मेरी मुलाकात हनुमान गढ़ी की सामने वाली सड़क पर काम कर रहे दो झाड़ू मारने वाले सफाई कर्मचारियों से हो जाती है। अयोध्या नगर निगम की ओर से इन्हें तैनात किया गया था। पहले सफाईकर्मी अच्छे लाल से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि वह 30-35 किलोमीटर दूर एक पास के गांव से आते हैं। 12 घंटे की ड्यूटी करते हैं और उसके बाद गांव वापस चले जाते हैं। इतनी दूर से क्यों आते हैं। सर, भगवान राम का काम है। कभी सोचा नहीं था ऐसा होगा लेकिन हो रहा है। सब बाबा जी की कृपा है। वहीं उनकी साथी सफाईकर्मी किरण थोड़ी शर्मीली हैं, झाड़ू हाथ में और मुंह पर मास्क। उनसे जब यही सवाल किया तो कहती हैं, हमें अच्छा लगता है हम भगवान की सेवा कर रहे हैं। यहां काम करना हर किसी के भाग्य में नहीं होता।

सही है, सबके अपने-अपने राम!!!

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed