आंखन देखी अयोध्या : अखंड रामधुन और पुराने घर में रामलला का आखिरी दिन, दर्शनों के लिए भक्तों-संतों का जमघट
शुक्रवार को रामलला अपने इस लकड़ी वाले आशियाने में आखिरी बार दर्शन दे रहे थे। बाबरी के गुंबद के बाद तिरपाल, फिर लकड़ी वाले इस आशियाने में सालों गुजारने वाले रामलला नए मंदिर में चले जाएंगे। यही वजह थी कि रामलला विराजमान की आखिरी झलक को देखने देर रात तक साधु-संत, भक्तों व अयोध्यावासियों का जमघट लगा रहा।
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होहिं सगुन सुभ बिबिधि बिधि बाजहिं गगन निसान।
पुर नर नारि सनाथ करि भवन चले भगवान॥
यानी, अनेक शुभ शगुन हो रहे हैं, आकाश में नगाड़े बज रहे हैं। पुरुषों व स्त्रियों को सनाथ, दर्शन से कृतार्थ करके भगवान राम महल को चले हैं।
रामपथ पर किसी अखंड धुन की तरह जय सियाराम के नारे लग रहे हैं। लाख पाबंदियां हों। भले गुजारिश की हो कि अयोध्या न आएं, पर देश के कोने-कोने से लोग रामलला के दर्शन को पहुंच रहे हैं। उनके हाथों में झोले हैं, कुछ गर्म कपड़े और जेहन में रामलला के दर्शन के अरमान। गुजरात, हैदराबाद, देवघर के लोग रात वाली दर्शन आरती का पास लेने दोपहर 1:30 बजे लाइन में लग चुके थे। 30 पास का कोटा है और उसके लिए लगी भीड़ 150 से कम की नहीं होगी।
शुक्रवार को रामलला अपने इस लकड़ी वाले आशियाने में आखिरी बार दर्शन दे रहे थे। बाबरी के गुंबद के बाद तिरपाल, फिर लकड़ी वाले इस आशियाने में सालों गुजारने वाले रामलला नए मंदिर में चले जाएंगे। यही वजह थी कि रामलला विराजमान की आखिरी झलक को देखने देर रात तक साधु-संत, भक्तों व अयोध्यावासियों का जमघट लगा रहा। कई सुरक्षाकर्मी भी थे, जिनकी प्राण प्रतिष्ठा में ड्यूटी लगी है।
सुरक्षा जांच के तुरंत बाद बिलांग भर दूरी से नया मंदिर नजर आने लगता है। भक्त और इस नए मंदिर के बीच फिलहाल फासले हैं। जालियां हैं। ऊंचे शेड हैं। शामियाने भी। जिनमें फूलों की सजावट का काम चल रहा है। पर, लोग उचककर, झुककर, दरीचों के बीच में से बस एक बार आंखें भर नए मंदिर को देख लेना चाहते हैं। वो इस अद्भुत, भव्य मंदिर को देखकर हैरान हो रहे हैं। फिर उन्हें याद दिलाया जाता है कि वो रामलला विराजमान के दर्शन करने आए हैं, सुरक्षाबल उन्हें लगभग आगे को ढकेलते हैं।
शुक्रवार है। रामलला सफेद कपड़ों में विराजमान हैं। उनके आगे से भीड़ दर्शन कर ऐसे गुजर रही है, जैसे सरयू की लहरें। कुछ लोग रामरक्षास्त्रोत का पाठ कर रहे हैं। कुछ रामलला को एकटक देखे जा रहे हैं। बोरियों में भरकर रामलला का इलायची दाने का प्रसाद लाया जा रहा है। आज भक्त ज्यादा जो हैं। दोपहर तक 20-25 हजार भक्तों ने दर्शन कर लिए थे। ये आम दिनों से दोगुने होंगे। यही भक्त बाहर लगे काउंटर पर रामलला के लिए लाए तोहफे जमा करवा रहे हैं। इसमें च्यवनप्राश से लेकर शहद, चांदी के थाल और बेबी क्रीम भी है। ये आखिर उनके रामलला का गृहप्रवेश जो है।
आंखन देखी अयोध्या की पहली कहानी रामलला से शुरू हुई थी और आज रामलला के दर्शन पर खत्म।