फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Ram Mandir ›   21 thousand KG flowers were used to decorate Ram mandir, Fragrance still intact

Ram Mandir: सप्ताह भर बाद भी बरकरार है राम मंदिर परिसर की खुशबू, विशेष देसी-विदेशी फूलों का है ये असर

Mon, 29 Jan 2024 07:56 PM IST
Amit Sharma Digital अमित शर्मा
Updated Mon, 29 Jan 2024 07:56 PM IST
सार

राम मंदिर को सजाने के लिए आठ रंग के गुलाब, छह रंग के गुलबहार, छह प्रकार के ऑर्किड, चार रंग के लिली और 20 विशेष प्रकार के सुगंध रखने वाले पुष्पों का उपयोग किया गया था। 21 हजार लड़ियों के साथ-साथ 90 हजार बंडल में फूलों को लाकर मंदिर को सजाया गया था...

विज्ञापन
21 thousand KG flowers were used to decorate Ram mandir, Fragrance still intact
राम मंदिर को सजाने में अहम भूमिका निभाने वाले गिरीश कुलकर्णी - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा जितने भव्य तरीके से हुई, भक्तों के बीच उसकी चर्चा अब तक जारी है। राम मंदिर को भव्य तरीके से सजाने के लिए 21 हजार किलो फूलों का उपयोग किया गया। 80 से अधिक प्रकार के देशी-विदेशी फूलों का उपयोग कर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था। नौ बेहद खूबसूरत किस्म के फूलों को अमेरिका, जापान, थाईलैंड और अफ्रीका से मंगवाया गया था। विदेशी फूलों को विशेष तौर पर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए विदेश से मंगवाया गया था, जिससे मंदिर परिसर की खूबसूरती लंबे समय तक खुशबूदार बनी रहे। कलाकारों की मेहनत रंग लाई और प्राण प्रतिष्ठा के एक सप्ताह बाद भी अभी तक इन फूलों की सजावट, सुंदरता और खुशबू बरकरार है।  

विज्ञापन

मंदिर को सजाने में सबसे प्रमुख भूमिका निभाने वाले टेंपल कनेक्ट के चेयरमैन गिरीश कुलकर्णी ने अमर उजाला को बताया कि 370 से अधिक फूलों के कारीगरों और 12 विशेष डिजाइनरों की सात टीमों ने लगभग एक महीने तक मेहनत कर मंदिर को सजाने में काम किया था। मंदिर को सजाने के लिए दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कोलकाता, केरल और राजस्थान से कारीगरों की टीमें आई थीं, जिन्होंने फूलों की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए सजावट की।

विज्ञापन

21 thousand KG flowers were used to decorate Ram mandir, Fragrance still intact
राम मंदिर को सजाने में अहम भूमिका निभाने वाली शकुंतला अपने बेटे के साथ। - फोटो : Amar Ujala

स्थानीय मालिन शकुंतला का योगदान

राम मंदिर जाने वाले मुख्य रास्ते पर सबसे प्रसिद्ध हनुमान गढ़ी मंदिर के चौराहे पर शकुंतला देवी पिछले 18 सालों से माला-फूल बेचने का काम करती हैं। उनके साथ उनके बेटे ने मंदिर के संपूर्ण परिसर को सुगंधित पुष्पों से सजाया था। इन फूलों को यह बात ध्यान में रखते हुए चुना गया था कि लंबे समय तक इनकी खुशबू हवा में तैरती रहे।

श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए पवित्र माने जाने वाले पौधों और फूलों को भी मंदिर की सजावट में इस्तेमाल में लाया गया था। इसमें सबसे प्रमुख नाम तुलसी, मनोकामिनी और अशोक के वृक्ष हैं। इसी प्रकार कई अन्य जड़ी-बूटियों के पौधों को भी मंदिर को सजाने में उपयोग किया गया। पूरी सजावट प्रक्रिया के दौरान मंदिर की पवित्रता का ध्यान रखा गया।

कितने प्रकार के पुष्प

जानकारी के अनुसार, राम मंदिर को सजाने के लिए आठ रंग के गुलाब, छह रंग के गुलबहार, छह प्रकार के ऑर्किड, चार रंग के लिली और 20 विशेष प्रकार के सुगंध रखने वाले पुष्पों का उपयोग किया गया था। 21 हजार लड़ियों के साथ-साथ 90 हजार बंडल में फूलों को लाकर मंदिर को सजाया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed