चुनावी युद्ध में कूदी टीम राहुल, ये हैं इनके कमांडर
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टीम राहुल ने पांच राज्य के चुनाव नतीजे में जौहर दिखाने के लिए कमर कस ली है। पंजाब, उत्तराखंड के बाद उ.प्र. का चुनाव इसके लिए अग्नि परीक्षा जैसा है। वहीं, टीम टीपू (अखिलेश) भी पूरी तरह से तैयार है। कांग्रेस पार्टी के गुरुद्वारा रकाबगंज स्थित वॉर रुम में भी हलचल बढ़ गई है।
राहुल गांधी जहां चुनाव प्रचार समेत अन्य तैयारियों में व्यस्त हैं, वहीं नेताओं, रणनीतिकारों, प्रशांत किशोर की सलाह तथा कार्यकर्ताओं का फीडबैक लेकर योजना को अंतिम रूप देने में प्रियंका गांधी वाड्रा काफी व्यस्त हैं।
ये हैं टीम राहुल के कमांडर
कांग्रेस पार्टी में चाणक्य कहे जाते हैं। सहजता से हर बड़ी बात को कहने में माहिर आजाद राजनीतिक अंडरकरंट को पहचान कर फुर्ती से सतरंज की बिसात पर बिना किसी को ठेस पहुंचाए नई चाल चल देते हैं। अल्पसंख्यक चेहरा हैं, जम्मू-कश्मीर से आते हैं। कांग्रेस महासचिव और उ.प्र. प्रभारी होने के नाते गुलाम नबी आजाद प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, प्रमोद तिवारी, संजय सिंह, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, पीएल पूनिया समेत अन्य नेताओं से लगातार फीडबैक लेकर समन्वय बिठाने, प्रचार की रणनीति को जमीन पर उतारने, सोनिया, राहुल, प्रियंका, पीके के लगातार संपर्क में हैं।
रणदीप सुरजेवाला
कांग्रेस पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख हैं। कूल डूड, शालीन चेहरा और आपा नहीं खोते। प्रेसवार्ता, बयान, सेशल मीडिया सभी में महारत हासिल है। हर तकनीकी मसले को सरलता से समझा लेने में पारंगत हैं। युवक कांग्रेस से जमीनी राजनीति करके आगे बढ़ रहे सुरजेवाला की हर सलाह का कांग्रेस उपाध्यक्ष काफी गंभीरता से लेते हैं। वजह साफ है, सुरजेवाला ने जीवन में असफलता कम और कुशल प्रबंधन, पहल से सफलता ही अधिक देखा है।
कौशल किशोर विद्यार्थी
कनिष्क सिंह की जिम्मेदारी बदलने के बाद से कांग्रेस उपाध्यक्ष को फीडबैक देने, सोशल इश्यू पर रिसर्च सामग्री तैयार करने, ट्विटर अकाऊंट हैंडल करने, अप्वाइंटमेट, सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने, वरिष्ठ नेताओं और कांग्रेस उपाध्यक्ष के बीच संदेश वाहक की कड़ी हैं। कांग्रेस कौशल किशोर कांग्रेस उपाध्यक्ष के कार्यालय के सबसे अहम सदस्य हैं और दौरे में भी राहुल गांधी के साथ रहते हैं।
ये हैं टीम राहुल के कमांडर
आईसीआईसीआई बैंक से टीम राहुल का हिस्सा बने अलंकार भी राहुल के दौरे के दौरान साथ होते हैं। कार्यालय के दूसरे अहम सदस्य हैं। दस्तावेज तैयार कराने, डाक्यूमेंटेशन आदि में अहम भूमिका रहती है। विद्यार्थी की तरह ही अलंकार भी बड़ी जिम्मेदारी संभालते हैं।
सचिन राव
सेंटर ऑफ सिविल सोसाइटी से टीम राहुल का हिस्सा बने हैं। युवक कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं, सदस्यों, युवाओं से जुड़े मामले देखते हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष को फीडबैक देते हैं और युवा नेताओं तक संदेश पहुंचाने का माध्यम हैं।
कैबी बैजू
एसपीजी में थे और नौकरी छोडक़र टीम राहुल का हिस्सा बने हैं। सुरक्षा से लेकर अन्य मामलों में सतर्क रहते हैं। बैजू पर कांग्रेस उपाध्यक्ष काफी भरोसा करते हैं।
राहुल गांधी की बैक बोन
राहुल गांधी की इन कोटरी के अलावा उनके पास एक युवा टीम है। जो हर सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और अन्य मुद्दों पर सक्रिय रहती है।
कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव से विरोधी भी पंगा लेने से बचते हैं। मीनाक्षी नटराजन, ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, सचिन पायलट, राज बब्बर, अजय माकन, एसवी रमणी, के राजू समेत अन्य अपने हिसाब से हालात पर नजरकर सक्रिय रहते हैं। कार्यालय में मिताक्षरा कुमारी भूमिका निभाती हैं।