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आम चुनाव: 19 साल से मुख्यमंत्री नवीन पटनायक महिला मतदाताओं के बीच हैं सबसे लोकप्रिय

Mon, 06 May 2019 02:02 PM IST
Prabudhh Jain चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prabudhh Jain Updated Mon, 06 May 2019 02:02 PM IST
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general election 2019: Naveen Patnaik profile party and politics lok sabha chunav
नवीन पटनायक ओडिशा के 14वें मुख्यमंत्री हैं। वह 'बीजू जनता दल' के मुखिया हैं।

नवीन पटनायक ओडिशा के 14वें मुख्यमंत्री हैं। वह 'बीजू जनता दल' के मुखिया हैं। राजनीतिज्ञ होने के साथ ही नवीन लेखक भी हैं। उनकी चार किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं। पिछले 19 साल से वह लगातार सूबे के मुख्यमंत्री पद पर काबिज हैं। मार्च 2000 में नवीन पटनायक ने ओडिशा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 16 अक्टूबर 1946 में ओडिशा के कटक में पैदा हुए नवीन पटनायक को राजनीति विरासत में मिली है। उनके पिता बीजू पटनायक भी राजनीतिज्ञ थे। नवीन पटनायक की पढ़ाई देहरादून की दून यूनिवर्सिटी और दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज से हुई। उनकी पार्टी ने 16वें लोकसभा चुनाव में ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से 20 सीटें जीतीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में नवीन पटनायक एक बार फिर जीत की आकांक्षा लिए हुए पूरी तरह से तैयार और आत्मविश्वास से भरे हुए दिख रहे हैं। उन्होंने अभी तक कांग्रेस और भाजपा में से किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं किया है। आइए नवीन पटनायक की राजनीति पर एक नजर डालते हैं।

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2009 तक भाजपा के साथ गठबंधन में थी पटनायक की पार्टी
ओडिशा में 17वें आम चुनाव और विधानसभा चुनाव साथ-साथ होने हैं। सूबे में लोकसभा चुनाव के लिए चार चरणों में मतदान होगा। प्रदेश में पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल और दूसरे चरण की वोटिंग 18 अप्रैल एवं तीसरे और चौथे चरण की वोटिंग क्रमश:  23 व 29 अप्रैल को होगी। साल 2009 तक नवीन पटनायक भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन सहयोगी थे। राजनीति में साफ छवि वाले नवीन पटनायक की महिला मतदाताओं के बीच छवि काफी लोकप्रिय है। वह कई लोक कल्याणकारी योजनाओं की वजह से जनता के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं। उनकी कालिया (कैश असिस्टेंट फॉर फारमर्स ) योजना ने उन्हें किसानों के बीच भी लोकप्रिय बनाया है। वह केंद्र सरकार पर ओडिशा की उपेक्षा करने का आरोप भी लगाते रहे हैं।
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अविवाहित हैं 73 साल के हैं नवीन पटनायक
नवीन पटनायक 73 साल के हो गए हैं। वह अविवाहित हैं। ओडिशा की जनता के बीच उनकी छवि साफ-सुथरे और ईमानदार नेता की है। सफेद-कुर्ता पैजामा पहनने वाले नवीन पटनायक की छवि जनता के बीच जितनी साफ है, उनकी सरकार की छवि वैसी नहीं है। यह भी कहा जा रहा है कि ओडिशा की राजनीति में नवीन पटनायक को चुनौती देने के लिए विपक्ष के पास कोई प्रमुख चेहरा नहीं है। 

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general election 2019: Naveen Patnaik profile party and politics lok sabha chunav
नवीन पटनायक 1996 में अपने पिता की मृत्यु के बाद राजनीति में आए।

चुनाव तारीख की घोषणा से पहले ही पटनायक ने खेल दिया था ट्रंप कार्ड
नवीन पटनायक ने रविवार को चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा से पहले ही ट्रंप कार्ड खेल दिया था। उन्होंने ओडिशा में महिला उम्मीदवारों को अपनी पार्टी में 33 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा की थी। पटनायक ने यह घोषणा केंद्रपाड़ा की एक चुनावी रैली के दौरान की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ओडिशा में महिला प्रत्याशियों के लिए 33 फीसदी आरक्षण की घोषणा करती है। इससे वहां की 21 लोकसभा सीटों में से सात सीटें महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित हो गई हैं।  इतना ही नहीं साल 2012 में नवीन पटनायक ने ओडिशा में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षीत सीटों को  बढ़ाया था। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की 33 फीसदी भागीदारी को 50 फीसदी में तब्दील किया था।

राजनीति में प्रवेश और चौथी बार मुख्यमंत्री पद
नवीन पटनायक 1996 में अपने पिता की मृत्यु के बाद राजनीति में आए। 1996 में हुए उप-चुनाव में वह जनता दल के टिकट पर चुनाव जीते। 1997 में जनता दल टूट गई और नवीन पटनायक ने खुद की पार्टी 'बीजू जनता दल' बना ली। साल 2000 में उन्होंने ओडिशा में भाजपा के साथ गठबंधन किया और विधानसभा चुनाव जीते। इसके बाद सूबे के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 2004 में नवीन पटनायक एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। साल 2007 में भारतीय जनता पार्टी से उनके रिश्तों में खटास पैदा हुई। इसके बाद साल 2009 में भाजपा के साथ बीजू जनता दल का गठबंधन खत्म हो गया। 21 मई 2009 को एक बार फिर नवीन पटनायक ने सूबे के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह उनका तीसरा कार्यकाल था। इसके बाद साल 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में पटनायक की पार्टी ने 147 विधानसभा सीटों में से 117 सीटें जीतीं। वहीं, लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने प्रदेश की 21 सीटों में से 20 सीटें जीतीं।
 

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