गुजरात चुनाव: पटेलों के बीच माधव सिंह सोलंकी के शासन की याद ताजा कराएगी भाजपा

संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 11 Nov 2017 07:02 PM IST
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हार्दिक पटेल की वजह से छिटक रहे अपने परंपरागत पटेल मतों को साधने के लिए भाजपा अब पाटीदार समाज के बीच माधव सिंह सोलंकी के शासन की याद ताजा कराएगी। 
सोलंकी के शासन में पटेल न सिर्फ सत्ता में दरकिनार थे बल्कि उन पर जुल्म और ज्यादती के मामले भी बढ़े थे। उनके शासन की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप ही भाजपा ने पटेलों की अस्मिता को उभारकर केशुभाई पटेल को आगे कर राज्य में अपनी पैठ बनाई थी। तब से ही पटेल समुदाय भाजपा का परंपरागत मतदाता रहा है। 

दरअसल वर्ष 1985 में माधव सिंह सोलंकी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने खाम (क्षत्रिय, हरिजन,आदिवासी और मुस्लिम) फैक्टर के जरिए विधानसभा की 182 सीटों में से 149 पर जीत दर्ज की थी, जो कि अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। इस दफे कांग्रेस पार्टी अपने पुराने खाम फैक्टर से मुस्लिमों को गौण रखते हुए क्षत्रिय, हरिजन,आदिवासी के साथ ओबीसी और पटेलों को साथ में लेकर चलने की रणनीति पर अमल कर रही है।

इसकी वजह से सूबे के चुनाव में करीब 22 वर्ष के बाद पहली दफे भाजपा को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मगर समय से पहले कांग्रेस की रणनीति सामने उजागर हो जाने से भाजपा को भी उसकी काट निकालने का मौका मिल गया है। 

अहमदाबाद में भाजपा की चुनाव रणनीति से जुड़े एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस नेताओं के साथ हार्दिक की मुलाकात का वीडियो वायरल होने के बाद से पटेलों के बीच सोलंकी शासन की याद ताजा कराने की कवायद शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में ये अभियान और तेज होगा।
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पटेलों के बीच भाजपाई भी हुए सक्रिय

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