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यूपी के घोषणा-पत्र में भाजपा ने वादे ही नहीं मजबूत इरादे का दिया संदेश

Sun, 29 Jan 2017 02:29 PM IST
शशिधर पाठक
शशिधर पाठक Updated Sun, 29 Jan 2017 02:29 PM IST
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BJP Shows intention in manifesto for transforming Uttar pradesh
फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
उ.प्र. विधानसभा चुनाव-2017 के लिए भाजपाध्यक्ष अमित शाह ने लखनऊ में घोषणा-पत्र जारी किया है। घोषणा पत्र में भाजपा ने केवल वादा ही नहीं किया है, बल्कि मजबूत इरादों का संदेश दे दिया है। घोषणा-पत्र की सबसे खास बात यह है कि इसमें केन्द्र सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं से लेकर उ.प्र. की जनता के हर वर्ग, संप्रदाय, जाति की मूल समस्याओं पर ध्यान दिया गया है। इसे चुनाव से पहले पार्टी के बड़े दांव के रूप में देखा जा रहा है। 
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सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने इसे तैयार कराने की कमान केन्द्रीय उर्जा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल को सौंपी थी।

सूत्र बताते हैं कि घोषणा पत्र की तैयारी के लिए गोयल की निगरानी वाली टीम ने पूरे प्रदेश के हर हिस्से से 29 लाख लोगों से फीड बैक लिया था। 14-15 घंटे तक काम करने के आदती पीयूष गोयल और उनकी टीम ने गांव, खेत-खलिहान, कस्बाई, शहरी लोगों की समस्याओं पर खासा ध्यान दिया है। किसान, महिला, बुजुर्ग, स्त्रियों की शिक्षा, बिजली, रोजगार, कानून-व्यवस्था और छात्र-छात्राओं की समस्याओं पर ध्यान देते हुए पार्टी ने नब्ज टटोलने की कोशिश की है। 
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पार्टी ने इसमें हर उस वादे से बचने की कोशिश की है, जिसे समय रहते पूरा न किया जा सके। विशेषकर राम मंदिर निर्माण का मुद्दा। भाजपा ने इस मुद्दे से न तो मुंह चुराया और न ही विरोधियों को कुछ बोलने का अवसर दिया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने साफ कहा कि पार्टी संवैधानिक दायरे में मंदिर निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करेगी।
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राज्य में सरकार बनने के 120 दिन के भीतर 15 साल की समस्या का समाधान का वादा किया है। इसमें 45 दिन के भीतर जमानत पर रिहा और अपराध करने वाले गुंडों अपराधियों को जेल भेजने का वादा काफी अहम है। तीन तलाक के मुद्दे पर भी पार्टी मुखर है और प्रदेश अल्पसंख्यक की महिलाओं की राय उच्चतम न्यायालय तक पहुंचाने का वादा किया है। सरकार बनने के 14 दिन के भीतर गन्ना किसानों को चेक से भुगतान, हर गरीब घर में लडक़ी पैदा होने पर 5000 रुपये की राशि देने, 24 घंटे बिजली देने, गरीबों को तीन रुपये यूनिट की दर से 100 यूनिट बिजली देने, गांव को बसों के जरिए शहर, कस्बे से जोडऩे का वादा काफी अहम है।

किसान और खेतिहर मजदूर पर फोकस

BJP Shows intention in manifesto for transforming Uttar pradesh
फाइलः केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल - फोटो : amar ujala
भाजपा का अहम ध्यान किसान और खेतिहर मजदूर पर है। लघु और सीमांत किसानों का फसली कर्ज माफ, ऋण लेने पर ब्याज में माफी और मजदूरों को 2 लाख का बीमा गरीब तबके के लिए राहत भरा संदेश होगा। वहीं फ्री लैपटॉप, एक साल के लिए हर महीने एक जीबी मुफ्त इंटरनेट डेटा, 15 मिनट में रोगियों के लिए एंबुलेंस की सुविधा, बुंदेलखंड विकास बोर्ड का गठन सूबे के मतदाताओं में जान डाल सकता है। कुल मिलाकर दस्तावेज में हर पक्ष, जाति, संप्रदाय, वर्ग और क्षेत्र की समस्याओं को खासा महत्व दिया गया है।

कौन हैं पीयूष गोयल
52 वर्षीय केन्द्रीय उर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल को न केवल सोशल मीडिया का एक्सपर्ट माना जाता है, बल्कि 1991 के आम चुनाव के दौरान भी पार्टी उप प्रचार अभियान प्रमुख थे। गोयल को वित्त, वित्त प्रबंधन के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों आदि में तालमेल बनाने, घोषणा पत्र तैयार कराने में दक्ष माना जाता है। तब से लेकर वह लगातार पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान की रणनीति का हिस्सा रहे हैं। 

करीब 28 साल के राजनीतिक तजुर्बेकार गोयल 2014 के आम चुनाव में भी अजय सिंह के साथ टीम मोदी की थिंक टैंक का हिस्सा थे। महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद गोयल ने ऊर्जा मंत्रालय संभालने के बाद बिजली क्षेत्र में कई बड़े सुधार कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। 

ऑल इंडिया रैंक में बतौर चाटर्ड अकाउंटेंट और बैंकिंग क्षेत्र से करियर शुरू करके राजनीति में कदम रखने वाले गोयल को प्रबंधन, फाइनेंस, स्ट्रेटजी प्लानिंग आदि में माहिर माना जाता है। इन सबके बरअक्स शांत, सौम्य, संयमित और चर्चा से दूर रहकर चुपचाप लक्ष्य हासिल करने की कला के कारण वह पार्टी और केन्द्र सरकार में काफी असरदार माने जाते हैं। वैसे भी पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. वेद प्रकाश गोयल के पुत्र पीयूष को राजनीतिक सीख विरासत में मिली है।
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