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एक्सपर्ट बोले, भारत-चीन में है एक अनोखा रिश्ता
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 19 Mar 2017 06:28 PM IST
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सेमिनार में मौजूद वक्ता
- फोटो : अमर उजाला
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बौद्ध विरासतों को सम्हालने का जिम्मा नेशनल म्यूजियम ने उठाया है। इनमें लदृाख की बौद्ध विरासतें भी शामिल है।
यह जानकारी विवि के सेंटर फोर म्यूजियोलाजी व कंजरवेशन की ओर से आयोजित किए गए दो दिवसीय सेमिनार में रविवार को दूसरे दिन दी गई। नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट की प्रो. मानवी सेठ ने बताया कि नेशनल म्यूजियम की ओर से बौद्ध विरासत को संभालने का बीड़ा उठाया गया। इसके लिए आउटरिच कार्यक्रम शुरू किया गया।
प्रवीण सिंह ने कंगनहल्ली की बौद्ध विरासत पर रोशनी डाली। डीसी चौबे ने बौद्ध विरासत से चीन और भारत में प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चीन की गुफा में सुरक्षित बौद्ध चित्रों से पता चलता है कि भारत और चीन में एक और भी संदेश है, जो बौद्ध से ताल्लुक रखता है।
वहीं प्रो. डीपी शर्मा ने मध्य गंगा से लेकर यमुना क्षेत्र तक प्राप्त बौद्ध विरासत का खाका खींचा। प्रो. एके सिन्हा ने कहा कि मूल्यों के संरक्षण के साथ ही बौद्ध में करुणा विषय पर अपने विचार रखे। केंद्र निदेशक प्रो. विभा उपाध्याय ने बताया कि इस सेमिनार के शोध पत्रों को प्रकाशित किया जाएगा।
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यह जानकारी विवि के सेंटर फोर म्यूजियोलाजी व कंजरवेशन की ओर से आयोजित किए गए दो दिवसीय सेमिनार में रविवार को दूसरे दिन दी गई। नेशनल म्यूजियम इंस्टीट्यूट की प्रो. मानवी सेठ ने बताया कि नेशनल म्यूजियम की ओर से बौद्ध विरासत को संभालने का बीड़ा उठाया गया। इसके लिए आउटरिच कार्यक्रम शुरू किया गया।
प्रवीण सिंह ने कंगनहल्ली की बौद्ध विरासत पर रोशनी डाली। डीसी चौबे ने बौद्ध विरासत से चीन और भारत में प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चीन की गुफा में सुरक्षित बौद्ध चित्रों से पता चलता है कि भारत और चीन में एक और भी संदेश है, जो बौद्ध से ताल्लुक रखता है।
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वहीं प्रो. डीपी शर्मा ने मध्य गंगा से लेकर यमुना क्षेत्र तक प्राप्त बौद्ध विरासत का खाका खींचा। प्रो. एके सिन्हा ने कहा कि मूल्यों के संरक्षण के साथ ही बौद्ध में करुणा विषय पर अपने विचार रखे। केंद्र निदेशक प्रो. विभा उपाध्याय ने बताया कि इस सेमिनार के शोध पत्रों को प्रकाशित किया जाएगा।
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