सीरिया के प्राचीन शहर पल्मीरा पर करीब साल भर से कब्जा जमाए आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) को यहां करारी शिकस्त मिली है। रूसी सुरक्षा बलों की मदद से सीरियाई सुरक्षा बलों ने प्रसिद्ध ऐतिहासिक शहर पल्मीरा को रविवार को आईएस से छुड़ा लिया है। आईएस ने मई 2015 में पल्मीरा के ऐतिहासिक स्थल और शहर पर कब्जा कर लिया था।
आईएस के कम से कम चार सौ लड़ाके मारे गए
सैन्य सूत्रों के मुताबिक शनिवार रात आईएस के साथ चले भीषण संघर्ष के बाद सेना ने पल्मीरा को पूरी तरह से अपने नियंत्रण में ले लिया। मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली सीरियाई पर्यवेक्षणशाला के मुताबिक इस संघर्ष में आईएस के कम से कम चार सौ लड़ाके मारे गए। इसके अलावा सरकार की ओर से 188 सुरक्षाकर्मी और मिलिशिया भी मारे गए हैं।
राष्ट्रपति बशर अल-असद की रणनीतिक और सांकेतिक जीत
पल्मीरा शहर के दोबारा से नियंत्रण में आने को सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की रणनीतिक और सांकेतिक जीत माना जा रहा है। इसमें असद समर्थित रूस के सुरक्षा बलों ने सीरियाई सुरक्षा बलों की मदद की। रूसी लड़ाकू विमानों ने 24 घंटे के अंदर 40 से अधिक उड़ाने भरी। सरकारी सेना पल्मीरा के प्राचीन खंडहर में आईएस की ओर से लगाए गए बमों और बारूदी बमों को डिफ्यूज करने में लगी हुई है। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षाबलों के साथ भीषण संघर्ष के बाद आईएस लड़ाके सुखनाह और दीर एज्जोर की ओर पीछे हट गए। आतंकी संगठन ने अब तक पल्मीरा के दो ऐतिहासिक मंदिरों, विजय स्मारक और एक दर्जन मीनारों को ध्वस्त कर दिया। आईएस ने इस प्राचीन स्थल में शहर के 82 वर्षीय पूर्व पुरातत्व प्रमुख समेत कई लोगों का सिर भी कलम किया था।
आईएस के खिलाफ पल्मीरा से चलेगा अभियान
सुरक्षा बलों की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दीर एज्जोर और रक्का समेत अन्य इलाकों में आईएस के खिलाफ व्यापक स्तर पर सैन्य अभियान चलाने में पल्मीरा मुख्य केंद्र होगा। दक्षिणी शहर रक्का और तेल समृद्ध पूर्वी दीर एज्जोर आईएस के महत्वपूर्ण गढ़ हैं।
रोमन साम्राज्य का गवाह रहा पल्मीरा
सीरिया का यह प्राचीन शहर पहली सदी में रोमन साम्राज्य का गवाह रहा है। प्राचीन काल में यह शहर धनी व्यापारियों के गढ़ के रूप में जाना जाता रहा है। इसका असर यहां की वास्तुकला पर भी साफ देखा जा सकता है। ग्रेट कोलोनाड, बेल का मंदिर और मीनारें इसकी खासियत हैं।