Induction Vs Infrared: खाना पकाने में इन्फ्रारेड से कम समय क्यों लेता है इंडक्शन? जानिए इसके पीछे की साइंस

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Sun, 22 Mar 2026 09:32 PM IST
सार

Induction Vs Infrared Stove:

इंडक्शन और इन्फ्रारेड स्टोव को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। दोनों दिखने में एक जैसे हैं, लेकिन खाना पकाने की स्पीड और तकनीक में बड़ा फर्क है। जानिए आखिर क्यों इंडक्शन चूल्हा इन्फ्रारेड के मुकाबले जल्दी खाना पका देता है।

why induction stove takes less time to cook food than infrared reasons
इन्फ्रारेड कुकटॉप - फोटो : Adobe Stock

    इन दिनों गैस सिलेंडर की कमी के वजह से लोग काफी परेशान हैं। अब 24 से 26 दिनों बाद नए सिलेंडर की बुकिंग हो रही है। वहीं, अब कई लोग खाना पकाने के लिए मार्केट में मिलने वाले इलेक्ट्रिक चूल्हे पर निर्भर हो गए हैं। इसी बीच इंडक्शन और इन्फ्रारेड चूल्हे की जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल मार्केट में ये दोनों किस्म के चूल्हे काफी पॉपुलर हैं। दोनों चूल्हे दिखते भी एक जैसे हैं और कीमत भी लगभग समान ही है।

    हालांकि, बिजली से चलने वाले इन दोनों चूल्हों के काम करने का तरीका बेहद अलग है और दोनों खाना पकाने में अलग-अलग समय भी लेते हैं। दोनों चूल्हों की अपनी-अपनी खासियत और कमियां भी हैं। आइए आज आपको समझाते हैं कि इन्फ्रारेड चूल्हा खाना पकाने में इंडक्शन से ज्यादा समय क्यों लेता है।

    इन्फ्रारेड कुकटॉप
    इन्फ्रारेड कुकटॉप - फोटो : एआई जनरेटेड

    दोनों चूल्हों की हीटिंग टेक्नोलॉजी समझिए

    आगे बढ़ने से पहले ये जान लीजिए कि दोनों चूल्हे एक जैसे दिखने के बावजूद तकनीकी रूप से बिल्कुल अलग कैसे हैं। बात करें इंडक्शन की तो ये चूल्हा बर्तन को गर्म करने के लिए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स का सहारा लेता है। इसमें लगा कॉयल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स पैदा करता है जिससे बर्तन का निचला मैग्नेटिक सतह गर्म होता है। इंडक्शन में सिर्फ लोहे और स्टील से बने बर्तन काम करते हैं या फिर ऐसे बर्तन जिनमें इंडक्शन से गर्म होने वाली प्लेट लगी हो।

    हालांकि, इन्फ्रारेड चूल्हे की तकनीक थोड़ी अलग है। इन्फ्रारेड चूल्हा इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स की जगह रेडिएंट हीट से बर्तन को गर्म करता है। इसमें लगा हैलोजन लैंप या मेटल कॉइल से इंफ्रारेड किरणें निकलती हैं, जो सीधे कांच की सतह के ऊपर रखे बर्तन को गर्म करती हैं। इन्फ्रारेड चूल्हे की सबसे खास बात ये है कि इसमें स्टील, एल्युमिनियम, कांच, और तांबे के किसी भी प्रकार के बर्तन का उपयोग किया जा सकता है।

    इंडक्शन स्टोव
    इंडक्शन स्टोव - फोटो : Adobe Stock

    इंडक्शन में खाना जल्दी क्यों पकता है?

    इसका सीधा जवाब है इंडक्शन की एडवांस टेक्नोलॉजी। इंडक्शन में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स से बर्तन काफी तेजी से गर्म होता है जिससे इसमें रखा खाना भी जल्दी पकता है। चूंकि इसमें रेडिएंट हीट का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए इंडक्शन की एफिसिएंसी 90% से भी ज्यादा होती है। वहीं, इन्फ्रारेड में गर्मी को कॉयल से निकलकर बर्तन तक पहुंचने में ज्यादा समय लगता है। इस दौरान काफी उर्जा बर्बाद हो जाती है, इसलिए इसकी एफिसिएंसी 60 से 70% के बीच होती है। यही वजह है कि इन्फ्रारेड चूल्हे में खाना पकाने में ज्यादा समय लगता है और बिजली भी ज्यादा खर्च होती है।

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