क्या आप जानते हैं वोटिंग मशीन कैसे काम करती है ?

विकास जांगड़ा/अमर उजाला, नई दिल्ली
Sun, 12 Feb 2017 04:02 PM IST
facts regarding the electronic voting machine
ईवीएम

    अगर आप भी करने जा रहें हैं वोट पहली बार, तो जरुर पढ़े कैसे करते है मतदान और वोटर होने के नाते जानें ईलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से जुड़े कुछ अहम पहलू जिनके बारे में आपने सुना भी नही हेगा।

    ईवीएम
    ईवीएम

    भारत में मतदान के लिए उपयोग की जानें वोटिंग मशीन दो अंगो का समीकरण होती है। पहले अंग को बैलैटिंग मशीन कहा जाता है जिसमें वोटर बटन दबाता है। दूसरा अंग कंट्रोल यूनिट होता है। ये बूथ पर तैनात मतदान अधिकारी को पर्यवेक्षण की शक्ति देता है।

    ये दोनों अंग पांच मीटर लंबे केबिल के जरिये जुड़े होते है। वोटर बैलोटिंग यूनिट में अपना वोट करते हैं, जिसे वोटिंग कंपार्टमेंट के अंदर रखा जाता है। इससे पहले मतदान अधिकारी हर मतदाता को मतपत्र देता है। जिसे कंट्रोल यूनिट की कार्यक्षमता के द्वारा बदल दिया जाता है। इसके बाद मतदान अधिकारी बैलोट बटन को दबाता है और फिर मतदाता को वोट करना होता है।

    ईवीएम
    ईवीएम

    वोटर के वोट करने के बाद (एक बार बटन दबाते ही) ये मशीन अपना आप लॉक हो जाती जिससे एक मतदाता दोबारा वोट ना कर सके। यदि इसके बाद कोई दोबारा बटन दबाता है तो उसकी गिनती वोट में नही होती। इससे एक वोटर एक से ज्यादा वोट नहीं कर सकता।

    एक ईवीएम 6 वोल्ट की बैट्री की मदद से काम करती है ताकि किसी अन्य बाहरी पॉवर की जरुरत ना पड़े। एक ईवीएम में 64 उम्मीदवारों के नाम और ज्यादा से ज्यादा 3840 वोट आ सकते हैं। 64 उम्मीदवारों के नाम को इस तरह सूचीबद्ध किया जाता है कि एक सूची में 16 नाम आतें है और ऐसी चार सूची बनाई जाती है, जो एक दूसरे से जुड़ी रहती है।

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