Electricity Bill Scam: बिजली कटने का मैसेज आ रहा है? कहीं आपके साथ भी न हो जाए बुलंदशहर जैसा स्कैम!

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Wed, 22 Apr 2026 03:17 PM IST
सार

Prepaid Meter Fraud:

देश में अब प्रीपेड बिजली मीटर के नाम पर साइबर ठगी का एक नया ट्रेंड शुरू हो गया है। जालसाज खुद को ऊर्जा निगम का कर्मचारी बताकर उपभोक्ताओं को बिजली कटने का डर दिखाते हैं और फोन में एक फर्जी ऐप इंस्टॉल करवा कर ठगी को अंजाम देते हैं। आइए जानते हैं क्या है ये पूरा स्कैम और इससे कैसे सुरक्षित रहें।

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प्रीपेड मीटर स्कैम - फोटो : AI जनरेटेड

    टेक्नोलॉजी ने काम आसान तो किया है लेकिन हर रोज समस्याएं भी खड़ी कर रहा है। गैस की किल्लत के वजह से देश भर में बुकिंग स्कैम के मामले कम नहीं हुए थे कि अब प्रीपेड इलेक्ट्रिसिटी मीटर के नाम पर भी नए तरह का स्कैम शुरू हो गया है। ठगों के गिरोह बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर उपभोक्ताओं को निशाना बना रहे हैं। स्कैम करने वाले ठग फोन काल के जरिए उपभोक्ताओं को अपने जाल में फंसा रहे हैं।

    लिंक भेजकर करवाते हैं एप डाउनलोड
    लिंक भेजकर करवाते हैं एप डाउनलोड - फोटो : AI जनरेटेड

    खुद को बताते हैं बिजली कर्मचारी

    हाल ही में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। साइबर ठग बिजली उपभोक्ताओं को कॉल कर खुद को ऊर्जा निगम का कर्मचारी बताते हैं। वो कहते हैं कि पिछले माह का बिल सिस्टम पर अपडेट नहीं हुआ है जिसके कारण बिजली कनेक्शन तत्काल काट दिया जाएगा। इसका समाधान बताते हुए ठग बिल अपडेट करने के लिए कहते हैं। साथ ही मोबाइल नंबर पर एक एप का लिंक भेजने की बात भी कहते हैं। इस लिंक को खोलने पर एक एप अपने आप इंस्टॉल हो जाता है जिससे ठगी को अंजाम दिया जा रहा है।

    हालांकि, जागरूक लोग ठगों के इस झांसे में नहीं आ रहे हैं। बता दें कि किसी भी ऊर्जा निगम के कर्मचारी उपभोक्ताओं को बिजली बिल अपडेट करने के नाम पर लिंक या मैसेज नहीं भेजते हैं। अगर आपको भी ऐसा कोई कॉल या मैसेज आए तो यह स्कैम हो सकता है।

    केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें रीचार्ज
    केवल आधिकारिक माध्यम से ही करें रीचार्ज - फोटो : AI जनरेटेड

    बिजली उपभोक्ता इन बातों का रखें ध्यान

    ध्यान दें कि प्रीपेड बिजली मीटर का रीचार्ज केवल आधिकारिक एप या वेबसाइट के ही करना चाहिए। यदि आपको बिजली काटने के लिए कोई कॉल या मैसेज आए तो यह फ्रॉड हो सकता है।ऊर्जा निगम के कर्मचारी कभी भी आपसे कॉल में व्यक्तिगत जानकारी जैसे फोन नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, ई-मेल जैसी जानकारी नहीं मांगते।बिजली बिल भरने या प्रीपेड मीटर रीचार्ज करने के लिए केवल आधिकारिक एप, वेबसाइट और अधिकृत जन सेवा केंद्रों का ही इस्तेमाल करें।मोबाइल नंबर या व्हाट्सएप पर आए किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। इससे आपका फोन हैक होने का खतरा रहता है।यदि आपको साइबर ठगों से कोई कॉल या मैसेज आए तो इसकी जानकारी साइबर सेल को 1930 पर कॉल कर तुरंत दें।

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