अमर उजाला संवाद 2026: 'AI से डरें नहीं, इसे अपनाएं'; शिक्षा, तकनीक और रोजगार में एआई के प्रभाव पर मंथन

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Tue, 19 May 2026 03:19 PM IST
सार

Amar Ujala Samwad 2026:

आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा स्कूल से लेकर ऑफिस तक तेजी से बढ़ रहा है। लखनऊ में आयोजित 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' के दूसरे दिन शिक्षाविदों ने एआई के प्रभाव, इससे जुड़ी चिंताओं और अवसरों पर गहन मंथन किया। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि एआई से डरने के बजाय इसे अपनाना, बच्चों को सशक्त बनाना और इनोवेशन पर फोकस करना समय की सबसे बड़ी मांग है, नहीं तो हम तकनीकी दौड़ में पीछे छूट जाएंगे।

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अमर उजाला संवाद 2026 - फोटो : अमर उजाला

    आज एआई हमारी दुनिया को तेजी से बदल रहा है। स्कूल से लेकर ऑफिस डेस्क तक आज एआई हर जगह अपनी पैठ बना रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित हो रहे 'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' के दूसरे दिन देश की कुछ प्रमुख शिक्षण संस्थानों की हस्तियों ने इसी पर चर्चा की। इस कार्यक्रम में एकेटीयू यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर, प्रो. जे. पी. पांडेय, आईआईएम लखनऊ के डायरेक्टर, प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता, जयश्री पेड़ीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की फाउंडर और चेयरमैन, डॉ. जयश्री पेरीवाल और सुभारती यूनिवर्सिटी के डीन प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल शामिल हुए।

    एआई को नहीं अपनाने वाले पीछे छूट जाएंगे- जयश्री पेड़ीवाल
    एआई को नहीं अपनाने वाले पीछे छूट जाएंगे- जयश्री पेड़ीवाल - फोटो : अमर उजाला

    एआई को नहीं अपनाने वाले पीछे रह जाएंगे: जयश्री पेरीवाल

    कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए जयश्री पेरीवाल ग्रुप ऑफ स्कूल्स की फाउंडर और चेयरमैन डॉ. जयश्री पेरीवाल ने कहा कि एआई को सीखना बहुत जरूरी है। इसे नहीं अपनाने वाले पीछे रह जाएंगे और डायनासोर की तरह धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएंगे। लेकिन एआई को कैसे अपनाना है यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि एआई को स्टूडेंट्स, डॉक्टर, टीचर सभी को अपनाना चाहिए। जयश्री ने कहा कि हमें एआई के उपयोग से बच्चों को सशक्त बनाना होगा। हालांकि, इसका सही उपयोग कैसे किया जाए यह शिक्षण संस्थान पर निर्भर करता है।

    उन्होंने कहा कि एआई की मदद से बच्चों मे क्रिटिकल थिंकिंग विकसित कि जा सकती है। इससे कोर्स को अधिक स्टूडेंट केंद्रित बनाया जा सकता है। जयश्री ने कहा कि हम अपने फैकल्टी मेंबर्स को एआई की ट्रेंनिंग दे रहे हैं, ताकि वह कोर्स में इसका सही इस्तेमाल कर पाएं।

    एआई से डरना नहीं, अपनाना होगा: प्रो. राजीव कुमार
    एआई से डरना नहीं, अपनाना होगा: प्रो. राजीव कुमार - फोटो : अमर उजाला

    एआई से डरना नहीं, अपनाना होगा: प्रो. राजीव कुमार

    एकेटीयू यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर, प्रो. राजीव कुमार ने कहा, "30 साल पहले जब कंप्यूटर आया था तो लोगों के मन में यही डर था। लोग उस समय इस टेक्नोलॉजी का विरोध कर रहे थे, लेकिन आज हम कंप्यूटर को पूरी तरह अपना चुके हैं। एआई को लेकर भी हमारा डर कुछ ऐसा ही है।" उन्होंने कहा, "आज एआई को लेकर हमारे मन में जो चिंताएं हैं उसका भी समाधान जरूर निकलेगा। बच्चे एआई के वजह से कंप्यूटर साइंस को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, लेकिन आज एआई मेडिसिन, शिक्षा, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग सभी क्षेंत्रों को प्रभावित कर रहा है। इसलिए आज हर ब्रांच को मजबूत बनाने की जरूरत है।"

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