हर देश में किसी न किसी खेल के प्रति दीवानगी देखने को मिलती है। भारत में क्रिकेट, यूरोप के देशों में फुटबॉल, लेकिन वियतनाम में एक अजीब किस्म का खेल का प्रचलित है। जिसे वे टकराव या किक वॉलीबाल कहा जाता है। इसमें खिलाड़ी एक नेट बांधकर अपने पैर और सिर की मदद से गेंद को एक पाले से दूसरे पाले में धकेलने का काम करते हैं। जैसे वॉलीबाल में जो काम हाथ का होता है, किक वॉलीबाल में वो काम पैर करता है। इसे सेपक टकरा भी कहा जाता है।
कॉफी-काजू के लिए प्रसिद्ध वो देश, जहां पैर से खेला जाता है 'वॉलीबाल'
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क्या होता है सेपक टकरा ?
सेपक टकरा, मलय और थाई भाषा के दो शब्द हैं। सेपक, मलय का शब्द है, जिसका अर्थ किक लगाना है। टकरा का मतलब हल्की गेंद है। यह भारत के नॉर्थ ईस्ट में लोकप्रिय है। जो वॉलीबॉल, फुटबॉल और जिम्नास्टिक का मिश्रण है। इस खेल को इंडोर हाल में 20 गुणा 44 के आकार की जगह में सिंथेटिक फाइबर की गेंद से इस खेल को खेला जाता है।
इस खेल में गेंद को वॉलीबॉल की तरह नेट के दूसरे पार भेजना होता है, लेकिन इसके लिए खिलाड़ी सिर्फ पैर, घुटने, सीने और सिर का ही इस्तेमाल कर सकता है। हाथ से गेंद को नहीं छुआ जा सकता। यह खेल दो प्रकार से खेला जाता है। पहला टीम इवेंट होता है, जिसमें 15 खिलाड़ी होते हैं, दूसरा रेगू इवेंट होता है, इसमें 5 खिलाड़ी इस खेल में शामिल होते हैं।
बेरोजगारी दर कम
वियतनाम की साक्षरता दर 94 प्रतिशत है। यहां के स्कूल में आज भी घंटियों के बजाय पारंपरिक गौंग बजाए जाते हैं। खास बात यह है कि तमाम विकासशील देशों के मुकाबले वियतनाम की बेरोजगारी दर सबसे कम है। यहां की भाषा में छह अलग-अलग टोन हैं।
बौद्ध धर्म
वियतनाम में बौद्ध धर्म जीवन पद्धति का हिस्सा है। इसके अलावा यहां के मंदिर अपनी खास बनावट के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। यहां पैगोडा पूजा और मंदिर सम्मान के प्रतीक हैं।
काजू-कॉफी से पहचान
वियतनाम की कॉफी पूरे विश्व में मशहूर है। यहां के काजू भी बेहतरीन होते हैं। वियतनाम का मुख्य खाद्य पदार्थ चावल है।