निशानेबाजी का अपना दूसरा वर्ल्ड कप खेल रहे 29 साल के अभिषेक वर्मा ने देश के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया है। इसी के साथ उन्हें टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है।
कभी बनना चाहते थे आईएएस अधिकारी, अब ISSF वर्ल्ड कप में जीता गोल्ड मेडल
शनिवार को बीजिंग में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में निशाना लगाते ही अभिषेक ने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीत लिया। अभिषेक ने शुरू से आखिरी तक अपनी पकड़ बनाए रखी एयर 242.7 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीतने में कामयाब रहे।
वर्मा ने पिछले साल हुए एशियन गेम्स में डेब्यू करते हुए कांस्य पदक जीता था। शौकिया तौर पर निशानेबाजी करने वाले अभिषेक ने सिर्फ तीन साल पहले ही इस खेल में कदम रखा था।
पिस्तौल उठाकर निशानेबाजी के खेल में उतरने से पहले हरियाणा के अभिषेक ने कंप्यूटर के क्षेत्र में हाथ अजमाने से लेकर प्रसाशनिक अधिकारी बनने तक की भी कोशिश की।
बतौर अभिषेक, 'मैंने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढाई की लेकिन जो सोच के किया वो मजा नहीं आया। फिर मैंने यूपीएससी की तैयारी की लेकिन वो बहुत मुश्किल था। उसके बाद मैंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से लॉ की पढाई की क्योंकि मेरे पिता हरियाणा में जज हैं। इसी दौरान मैंने शौकिया तौर पर निशानेबाजी शुरू की।
फिर धीरे-धीरे मैंने इस खेल को अपना जूनून बना लिया और इसे ज्यादा गंभीरतापूर्वक लेने लगा। कुछ दिन बाद गुडगाँव आ गया जहां शूटिंग अकादमी से जुड़ा और कोचिंग लेनी शुरू की और बड़े स्तर पर खेलने लगा।
अभिषेक वर्मा ने बड़े ही कम समय में भारत के दिग्गज शूटरों को पीछे छोड़ दिया और कई खिताब अपने नाम कर लिए।