नया साल हमारे अंदर सभी को मंगलकामनाएं देने की सद्भावना उत्पन्न करता है, जिससे कि आने वाले दिनों में हमारे जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य, संतान, धन लाभ आदि प्राप्त होते रहें। नया साल सभी के लिए शुभ और मंगलकारी हो, इसके लिए यहां हम कुछ ऐसे आसान उपाय बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर जीवन से नकारात्मकता और अशुभता को दूर किया जा सकता है।
हर आठवें दिन करें ये उपाय, कभी नहीं होगी धन की कमी
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धन संबंधी लाभ के लिए उपाय
अथक प्रयासों के बावजूद यदि धन संबंधी नुकसान नहीं रुक रहा है, तो प्रतिदिन कौओं को गेहूं की चुपड़ी रोटी खिलाएं। यदि अकारण ही धन खर्च होता रहता है, तो शुक्ल पक्ष के शनिवार से आरंभ करते हुए प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलाएं। किसी को भी दिया गया धन या कर्जा वापिस मिलने में परेशानी आ रही हो, तो ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जप करते हुए सूर्योदय के समय तांबे के पात्र में जल और लाल मिर्च के ग्यारह बीज मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए। व्यापार में अगर अचानक बिक्री में गिरावट आने लगी हो, तो शुक्ल पक्ष के गुरुवार से आरंभ करते हुए प्रत्येक गुरुवार को व्यापार स्थल या दुकान के प्रवेश द्वार पर हल्दी से स्वस्तिक बनाकर उस पर थोड़ा गुड़ और चने की दाल रखनी चाहिए।
रोग निवारण के लिए उपाय
किसी भी तरह की मानसिक परेशानी और तनाव को दूर करने के लिए प्रतिदिन हनुमान जी की उपासना करना तथा हनुमान चालीसा का पाठ करना आसान उपाय है। वहीं प्रत्येक शनिवार को शनिदेव पर सरसों का तेल चढाने से भी रोगों से मुक्ति मिलने लगती है। दवाएं सेवन के बावजूद किसी रोग के ठीक होने में देरी होने पर मरीज के सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के टुकड़े रख देने चाहिए। शहद में चंदन मिलाकर मरीज को चटाने, रविवार को बूंदी के सवा किलो लड्डू का प्रसाद मंदिर में चढ़ाकर वितरित करने और मंदिर में गुप्त दान करते हुए स्वास्थ्य लाभ की कामना करने से भी रोग निवारण में शीघ्र लाभ मिलने लगता है।
संतान और विवाह लाभ के लिए उपाय
संतान प्राप्ति में देरी हो रही हो, तो नियम से कुत्ते को रोटी खिलाने तथा शुद्ध सोने को गर्म करके गाय के दूध में बुझाकर पीने एवं संतान गोपाल स्त्रोतम का पाठ करने से शुभ परिणाम मिलते हैं। विवाह में रुकावट, विवाह तय होने के बाद टूट जाने की स्थिति में विवाह योग्य कन्या को चाहिए कि वह प्रतिदिन स्नान के बाद शिव मंदिर में शिवलिंग पर जल मिश्रित गाय का दूध अर्पित करते हुए ‘ॐ सोमेश्वराय नमः’ मंत्र पढ़ते हुए पूरी माला का जप करे। किसी भी दोषपूर्ण ग्रह के प्रभाव से अगर संतान और विवाह में बाधाएं आ रही हों, तो उस दोषपूर्ण ग्रह से सम्बंधित वस्तुओं का दान निर्धारित दिन पात्र व्यक्ति को करते हुए भगवान शिव और भगवान शिव के बालस्वरूप की आराधना करनी चाहिए। संतान की लंबी उम्र की कामना के लिए पिता को गुरुवार का व्रत करना चाहिए।
अनुचित कार्यों से बचें
ग्रहों की शुभता हमारे आचरण एवं शुभ कार्यों पर भी निर्भर होती है। इसलिए ग्रहों को अपने अनुकूल और शुभ बनाने के लिए कोई भी अनुचित कार्य एवं आचरण करने से बचना चाहिए। मांसाहार, धूम्रपान, नशीले पदार्थों और शराब का सेवन, पर स्त्री संबंध बनाने, झूठी गवाही देने, माता-पिता, बड़े बुजुर्ग एवं गुरुजनों को अपमानित करने, दूसरों को कष्ट पहुंचाने, निरीह जीवो के प्रति अत्याचार करने, किसी के साथ धोखा करने और किसी की चल-अचल संपत्ति को हड़पने जैसे कार्यों से ग्रह अशुभ फल ही देते हैं, इसलिए जहां तक संभव हो जीवन में शुभ कार्य ही करने चाहिए।