फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Shakti ›   story of sunderban tiger widow women amphan took away livelihood

बाघ ने पति को मारा तो बन गई 'बाघ विधवा', अब तूफान ने छीन लिया रोजगार

Tue, 02 Jun 2020 09:32 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अपराजिता शुक्ला Updated Tue, 02 Jun 2020 09:32 AM IST
विज्ञापन
story of sunderban tiger widow women amphan took away livelihood
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

पश्चिम बंगाल के सुंदरबन की बहुत सी महिलाओं की ये कहानी आम है। पति को जब बाघ ने मार डाला तो ये विधवाएं बाघ विधवा के नाम से जानी जाने लगी। अब इन विधवाओं की जिंदगी में तूफान मुसीबत बनकर आया है। सुंदरबन के जंगलों के आसपास की बस्ती में जिंदगी आसान नही हैं। यहां पर हमेशा जंगली जानवरों खासतौर पर बाघ का खतरा मंडराता रहता है। यहां पर ऐसी महिलाओं की जिनके पति को बाघ ने मारा है अच्छी खासी तादाद है। जिसकी वजह से इन विधवाओं को 'बाघ विधवा' के नाम से जाना जाता है।

विज्ञापन


 

story of sunderban tiger widow women amphan took away livelihood
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

ऐसी ही कहानी है बाघ विधवा मंजुला की, जिसे दो दिन बाद बड़ी मुश्किल के कुछ खाने को नसीब हुआ था वो भी मुठ्ठीभर मुरमुरे और गुड़। अम्फान तूफान में अपनी जिंदगी के गुजर-बसर का एकमात्र सहारा मछलियों का तालाब बाढ़ के पानी से भर गया था। जिसकी वजह से अब उसकी कमाई का ये जरिया भी खो चुका है। 



 
विज्ञापन
विज्ञापन

मंजुला ने बताया कि पहले भी तूफान ने ही उनकी जिंदगी को बदल दिया था। चक्रवात आइला की वजह से खेत बर्बाद हो गए तो मजबूरन पति को मछली पकड़ने का काम शुरू करना पड़ा। इसी दौरान बाघ ने हमला कर उनकी जान ले ली। काफी संघर्ष के बाद एक एनजीओ की मदद से मछली पालन के लिए एक तालाब के इस्तेमाल की अनुमति मिली थी। अब अम्फान तूफान उसको भी ले गया। गोसाबा इलाके के सतजेलिया प्रखंड की 100 से ज्यादा ‘बाघ विधवाओं’ ने बीते 15 वर्षों में अपने पतियों को बाघ की वजह से खो दिया और इन सबकी कहानी कमोबेश एक जैसी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सुंदरबन इलाके में 2010 से 2017 के बीच बाघ के हमलों में कम से कम 52 लोगों की जान गई है। शीबा सरदार (40) सतजेलिया की रहने वाली एक अन्य बाघ विधवा हैं। उसे चक्रवात या इंसान-बाघ के संघर्ष से ज्यादा भूख का डर है। वह मुर्गी पालन का काम करती थी। तूफान में 100 मुर्गियां और 80 चूजे बह गए। वह बताती है कि सुंदरबन में जब भी कोई आपदा आती है तो हमें फिर से नई शुरुआत करनी पड़ती है। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed