एक ऐसा समाज जहां केवल महिलाएं हों। इंटरनेट पर एक ऐसी सोशल नेटवर्किंग साइट है जहां केवल महिलाएं ही कदम रख सकती हैं। इस साइट पर वो अपने करियर से लेकर पारिवार की उलझनों तक पर आराम से खुल कर बातें करती हैं। सबसे अच्छी बात है कि यहां पर उन्हें कोई गलत समझने वाला या रोकटोक करने वाला नहीं है। समाज की बंदिशों को तोड़कर इस साइट पर अपनी क्रियाशीलता को बयां करती हैं। हम बात कर रहें हैं शीरोज नेटवर्किंग साइट की, जो केवल महिलाओं के लिए है।
इंटरनेट पर नारियों का ऐसा प्लेटफार्म, जहां करियर से लेकर अपने पारिवारिक जीवन की बात करती हैं महिलाएं
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शीरोज नेटवर्किंग साइट की स्थापना शायरी चहल ने की है। इस साइट पर केवल महिलाएं ही होती हैं। अगर किसी प्रोफाइल पर उन्हें पुरुष होने का शक होता है तो वो इसे तुरंत ब्लॉक कर देती हैं। शायरी चहल के दिमाग में ये आइडिया काफी समय से था। 14 जनवरी 2014 को शायरी ने इसे लॉन्च किया। आज इस ऑनलाइन कम्युनिटी से करीब दस लाख से भी ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुईं हैं।
शीरोज की फाउंडर शायरी पेशे से पत्रकार थीं लेकिन कहती हैं कि वो दिल से एक उद्यमी ही हैं। इस फाउंडेशन की शुरूआत करियर में महिलाओं की मदद करने के लिए शुरू किया गया था। इस ऑनलाइन कम्युनिटी पर आप चाहे तो अंग्रेजी के अलावा बंगाली, हिंदी, तेलगु, मराठी में भी बात रख सकती हैं। ये वेबसाइट इन सारी भाषाओं में सामग्री उपलब्ध कराती है।
अमर उजाला से की विशेष बातचीत में शायरी बताती हैं कि वो पढ़ाई में काफी अच्छी थीं और अपने टीचरों की पसंदीदा थीं। वो कहती हैं कि छात्रों को आगे बढ़ने और सीखने की भूख हमेशा अपने अंदर रखनी चाहिए। उन्हें अपनी कल्पनाओं और विचारों पर काम करते हुए संभावनाओं को तलाशना चाहिए।
शीरोज नेटवर्किंग साइट की फाउंडर शायरी चहल इससे पहले भी कई सारे बिजनेस शुरू किए थे। जिसमें से एक फ्लेक्सीमॉम की वो सहसंस्थापक रह चुकी हैं। इसके अलावा शायरी ने शीरोज की मदद से एक ऐसे एप की शुरूआत की है जिसकी मदद से महिलाएं एंटरप्रेन्योर बन सकती हैं और अपना काम खुद से शुरू कर सकती हैं।

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