मर्ले लिवैंड: मोनोफिन के सहारे बिना हाथों का उपयोग किए तैराकी में बनाया विश्व रिकॉर्ड
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ताकि प्लास्टिक का कचरा कम हो सके
समुद्रों से प्लास्टिक कचरे को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास करने वाली मर्ले लिवैंड ने अपने जन्मदिन पर यह खास पहल की। मर्ले कहती हैं, गोताखोरी के दौरान मैंने कई बार देखा कि समुद्र में जमा हुए प्लास्टिक में अक्सर छोटी मछलियां, कछुए और कई अन्य जीव फंस जाते हैं। ये सभी जीव समुद्रों को साफ करने में प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि समुद्र में एकत्रित हुए प्लास्टिक के कारण इन्हीं जानवरों की जिंदगी खतरे में पड़ रही है। प्लास्टिक के कचरे को कम करने के लिए मैंने यह प्रयास किया है, जिससे लोगों में इस बारे में जागरूकता फैल सके।
मर्ले कहती हैं, मोनोफिन के साथ तैराकी करना आसान नहीं होता है। तैराकी में हाथ और पैर दोनों का संयोजन जरूरी होता है, हालांकि मैने मोनोफिन के सहारे बिना हाथों के उपयोग के यह किया है। यह तैराकी कई मायनों में कठिन रही, खुद को लगातार मानसिक रूप से भी मजबूत रखना बड़ी चुनौती थी। शायद मेरी इस कोशिश से लोगों को प्रेरणा मिले, समुद्रों का कचरा कम हो सके, यही सबसे बड़ी कामयाबी होगी। प्राकृतिक संपदाओं की सुरक्षा करना हमारी ही जिम्मेदारी है, इसमें प्लास्टिक कचरा बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहा है।

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