Independence Day 2023: ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी से कड़े संघर्षों, आंदोलनों के बाद आखिरकार 15 अगस्त 1947 को देश आजाद हो गया। भारत की आजादी के इस जश्न को हर साल देशवासी उत्साह से मनाते हैं।
Independence Day 2023: इस महिला क्रांतिकारी ने आजादी से पहले विदेश में फहराया था भारत का झंडा
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भीकाजी कामा का जीवन परिचय
महाराष्ट्र के मुंबई में 24 सितंबर 1861 को भीकाजी कामा का जन्म हुआ। बचपन से ही भीकाजी कामा में देशभक्ति की भावना कूट कूट कर भरी थी। हर भारतीय की तरह भीकाजी कामा ने भी देश को स्वतंत्र कराने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए वह स्वतंत्रता आंदोलन की आग में कूद गईं। आजादी की मांग को लेकर जहां देश भर में लोग आक्रोशित थे और जगह-जगह आंदोलन व सत्याग्रह कर रहे थे, वहीं भीकाजी कामा ने विदेश तक भारत की आजादी की मांग को उठाया।
बचपन से देशप्रेम की भावना
1896 में मुंबई में प्लेग फैलने पर भीकाजी मरीजों की सेवा में लग गईं। इस दौरान वह खुद प्लेग की चपेट में आ गईं। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर वह भी देश सेवा में लग गईं।
पेरिस में पत्रिका का प्रकाशन
भीकाजी कामा भारतीय मूल की पारसी महिला थीं। उन्होंने उस दौर में लंदन से लेकर जर्मनी और अमेरिका का भ्रमण किया। इस दौरान भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में आवाज कई देशों तक पहुंचाई। भीकाजी कामा पेरिस से 'वंदेमातरम्' पत्र प्रकाशित करती थीं, जो भारतीयों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ करता था।
आजादी से 40 साल पहले ही विदेश में भारतीय ध्वज फहराया
22 अगस्त 1907 यानी भारत के आजाद होने से 40 साल पहले ही भीकाजी कामा ने देश का झंडा जर्मनी में फहराया था। उन्होंने जर्मनी के स्टुटगार्ट नगर में आयोजित सातवीं अंतर्राष्ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस के आयोजन में भारतीय झंडा फहराकर स्वतंत्रता संग्राम की मांग को तेज कर दिया। 13 अगस्त 1936 में आजादी का सपना आंखों में बसाए भीकाजी कामा ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

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