Harmanpreet Kaur: महिला क्रिकेट टीम की दमदार खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर की उपलब्धि, जानिए उनका अब तक का सफर
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भारतीय महिलाएं देश-विदेश तक भारत का मान बढ़ाने के लिए काफी प्रयास कर रही हैं। वह न केवल देश में बल्कि विदेशों तक मशहूर हो रही हैं। राजनीति से लेकर सेना, खेल जगत से लेकर मनोरंजन जगत तक हम क्षेत्र में महिलाएं परचम लहरा रही हैं। भारतीय महिला खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर इन दिनों चर्चा में हैं। टीम की कप्तान मिताली राज ने बताया कि विश्व कप में हरमनप्रीत कौर ही टीम इंडिया की उप कप्तान होंगी। अपने आप में यह बड़ी उपलब्धि है। हरमनप्रीत इसके पहले भारत की महिला टी 20 और वन डे क्रिकेट टीम की कप्तान रह चुकी हैं। उनकी शानदार बल्लेबाजी कई मैच में देखने को मिली। इतना ही नहीं हरमनप्रीत कौर महिला बिग बैश लीग में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड जीतने वाली पहली भारतीय भी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरमनप्रीत खेल जगत तक कैसे पहुंची? टीम में शामिल होने और विश्व कप में उप कप्तान बनने तक का उनका सफर कैसा रहा? चलिए जानते हैं हरमनप्रीत की उपलब्धि के बारे में।
हरमनप्रीत का जीवन परिचय
भारतीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी हरमनप्रीत कौर का जन्म अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च साल 1989 में हुआ था। पंजाब के मोगा जिले में जन्मी हरमनप्रीत के पिता का नाम हरमंदर सिंह भुल्लर है और मां का नाम सतविंदर सिंह है। हरमनप्रीत के पिता एक अच्छे वॉलीबॉल और बास्केटबॉल खिलाड़ी रहे हैं। इसीलिए बचपन से हरमनप्रीत खेल से जुड़ गईं। हरमनप्रीत कौर का दाखिला ज्ञान ज्योति स्कूल अकादमी में हुआ। यहीं से हरमनप्रीत क्रिकेट से जुड़ गईं। उनका स्कूल घर से 30 किलोमीटर की दूरी पर था। हरमनप्रीत कौर ने स्कूल में कमलदीश सिंह से क्रिकेट की शुरुआती बारीकियां सीखीं।
हरमनप्रीत का क्रिकेट करियर
हरमनप्रीत क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग से प्रभावित थीं। उन्होंने क्रिकेट को ही करियर बना लिया। औपचारिक तौर पर हरमनप्रीत कौर ने क्रिकेट में अपना डेब्यू 20 साल की उम्र में किया था। 2009 में पाकिस्तान महिला क्रिकेट अर्क राइवल्स के खिलाफ हरमनप्रीत कौर ने मैच खेला था। इसी साल उन्हें महिला क्रिकेट विश्वकप में खेलने का भी मौका मिला।
हरमनप्रीत ने साल 2009 टी20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू भी किया था। इसमें इंग्लैंड महिला के खिलाफ उन्होंने अपना डेब्यू किया था। साल 2012 में उन्होंने वीमेन टी-20 एशिया कप के फाइनल मैच में भारतीय टीम की कप्तानी की। उस समय मिताली राज टीम की कप्तान और झूलन गोस्वामी उपकप्तान थीं लेकिन दोनों ही घायल होने के कारण मैच से बाहर हो गई थीं। हरमनप्रीत की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीत लिया।
उनकी कप्तानी और टीम की कामयाबी को देखते हुए साल 2013 में भी हरमनप्रीत को बांग्लादेश में हुए एक दिवसीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया। इस सीरीज के दूसरे मैच में हरमनप्रीत ने अपना दूसरा शतक बनाया था। बाद में साल 2014 में भारतीय रेलवे में हरमनप्रीत कौर की नौकर लग गई, जिसके बाद वह मुंबई आ गईं।
हरमनप्रीत की उपलब्धि
हरमनप्रीत की कप्तानी में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बांग्लादेश, इंग्लैंड के खिलाफ शानदार जीत हासिल की। साल 2015 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हुए टेस्ट मैच में उन्होंने 9 विकेट लिए। उन्होंने महिला टी – 20 क्रिकेट विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया। वह पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं, जिन्हें किसी विदेशी टी-20 फ्रैंचाइज़ी ने साइन किया है। वीमेन बिग बैश लीग चैंपियन के लिए सिडनी थंडर ने उन्हें 2016-17 के सीजन के लिए साइन किया था। हरमनप्रीत किसी नाॅक आउट विश्व कप में इनिंग में सर्वाधिक रन बनाने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी हैं।

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