टी-20 क्रिकेट में जो काम टीम इंडिया के सुपरस्टार बल्लेबाज विराट कोहली, सुरेश रैना, शिखर धवन और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज तक न कर पाए उसे जिम्बाब्वे के एक बल्लेबाज ने भी कर दिखाया। वैसे ओवरऑल दुनियाभर के 19 क्रिकेटर पहले ही ऐसा कर चुके हैं लेकिन इस लिस्ट में एक भी भारतीय नाम नहीं है।
'मूंछ पर ताव' ही देते रहे जिम्बाब्वे का एक क्रिकेटर निकल गया आगे
टी-20 क्रिकेट का नया फॉरमेट है और यह खेल अभी दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। बल्लेबाजों का खेल कहे जाने वाले टी-20 गेम में कई ऐसे मुकाम अभी भी हैं जिसे छु पाना कई टीमों के लिए संभव नहीं हो पाया है, जिसमें टीम इंडिया भी शामिल है।
'मूंछ पर ताव' ही देते रहे जिम्बाब्वे का एक क्रिकेटर निकल गया आगे
टीम इंडिया ने 2007 में भले ही टी-20 के पहले संस्करण पर कब्जा जमा लिया हो लेकिन आज साल 2015 भी अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है लेकिन उसका एक भी बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट में एक हजार रन बनाने के आंकड़े को छू नहीं सका है।
'मूंछ पर ताव' ही देते रहे जिम्बाब्वे का एक क्रिकेटर निकल गया आगे
पिछले दिनों पाकिस्तान के खिलाफ हरारे में दो मैचों की टी-20 सीरीज खेली गई। यह सीरीज जिम्बाब्वे की टीम पाक से 0-2 से हार गई। पाक की जोरदार जीत के बावजूद जिम्बाब्वे के एक बल्लेबाज ने वो मुकाम हासिल कर लिया जिसे टीम इंडिया का कोई भी बल्लेबाज नहीं कर सका।
'मूंछ पर ताव' ही देते रहे जिम्बाब्वे का एक क्रिकेटर निकल गया आगे
पाक के खिलाफ खेले गए दूसरे टी-20 मैच में जिम्बाब्वे के ओपनर हैमिल्टन मास्कजदा कोई बहुत बड़ी पारी नहीं खेल सके लेकिन 9 रनों की अपनी निजी पारी में उन्होंने 7वां रन बनाते ही टी-20 में एक हजार रन पूरे कर लिए। ऐसा करने वाले वह जिम्बाब्वे के पहले बल्लेबाज भी बन गए हैं।