एडिलेड में और भी बुरा हो गया नाकामी का 64 साल पुराना इतिहास
एडिलेड में गुलाबी गेंद और दिन-रात का टेस्ट मैच होने के नाते यह मैच ऐतिहासिक हो गया और इस मैच में यूं तो कई रिकॉर्ड बनने ही थे लेकिन एक ऐसा रिकॉर्ड भी बना जिसने इस मैदान पर बल्लेबाजों के लिए नाकामी के इतिहास को और लंबा खींच दिया।
एडिलेड में और भी बुरा हो गया नाकामी का 64 साल पुराना इतिहास
एडिलेड में 1993 के बाद से खेले गए टेस्ट मैच में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भी टीम की ओर से कोई शतक नहीं लगा। आज से 22 साल पहले ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबले में कोई भी बल्लेबाज शतक नहीं लगा पाया था। उस मैच में विंडीज बल्लेबाज रिची रिचर्डसन ने सबसे ज्यादा 72 रनों की पारी खेली थी।
एडिलेड में और भी बुरा हो गया नाकामी का 64 साल पुराना इतिहास
1993 के बाद से एडिलेड में 10 टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं जिसमें हर मैच में कम से कम 2 शतक जरूर लगे। 2014 में इसी मैदान पर टीम इंडिया के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में तो 6 शतक लगे थे।
एडिलेड में और भी बुरा हो गया नाकामी का 64 साल पुराना इतिहास
एडिलेड के इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में खेली गई सबसे बड़ी पारी रही 66 रनों की, जो ऑस्ट्रेलिया की ओर से पीटर नेविल खेली थी पहली पारी में। इस मैदान पर यह भले ही इस मैच की सबसे बड़ी पारी हो लेकिन यह यहां किसी टेस्ट मैच की सबसे छोटी बड़ी पारी है। इससे पहले यहां पर 64 साल पहले 1951 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में 67 रनों की सबसे बड़ी बनी थी।
एडिलेड में और भी बुरा हो गया नाकामी का 64 साल पुराना इतिहास
न्यूजीलैंड का प्रदर्शन इस साल बेहद शानदार रहा है और अक्टूबर से लगातार 7 टेस्ट सीरीज में उसे हार नहीं मिली थी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने आई कीवी टीम ने 2-0 से यह सीरीज गंवा दी। इस दौरान उसने 4 सीरीज जीती और 3 ड्रॉ रही थीं। इससे पहले इस टीम को आखिरी बार हार 2013 इंग्लैंड से इंग्लैंड में मिली थी। तब भी यही स्कोर रहा 2-0 का।