खिताबी 'चौके' से कैसे चूके द्रविड़ के लड़ाके, ये हैं 5 कारण
महान क्रिकेटर राहुल द्रविड़ की कोचिंग में भारत की जूनियर टीम ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में बेहद शानदार खेल दिखाया और फाइनल में पहुंचने से पहले टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए टीम ने खिताबी जीत का चौथा लगाने की उम्मीद भी जगा दी लेकिन निर्णायक जंग में टीम बुरी तरह से लड़खड़ा गई।
खिताबी 'चौके' से कैसे चूके द्रविड़ के लड़ाके, ये हैं 5 कारण
अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में अजेय रही भारत की जूनियर टीम के सामने वेस्टइंडीज की टीम थी और इस मैच में टीम इंडिया का पलड़ा भारी दिख रहा था लेकिन जीत के साथ भारत लौटने का सपना अधूरा रह गया। जानते हैं कि खिताबी जंग में वो 5 कौन से अहम कारण रहे जिससे भारत को हार मिली।
खिताबी 'चौके' से कैसे चूके द्रविड़ के लड़ाके, ये हैं 5 कारण
पहला, मीरपुर में खेले गए मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को बेहद खराब शुरुआत मिली। रिषभ पंत और कप्तान इशान किशन पर जिम्मेदारी थी कि यह जोड़ी टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई लेकिन पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर यह जोड़ी टूट गई। पंत एक रन पर आउट हो गए।
खिताबी 'चौके' से कैसे चूके द्रविड़ के लड़ाके, ये हैं 5 कारण
दूसरा, महज एक रन पर भारत की ओपनिंग जोड़ी टूटने के बाद शीर्ष क्रम के अन्य बल्लेबाजों का काम था कि वो टीम को इस संकट से बाहर निकालें लेकिन वो भी नाकाम रहे। भारत के 3 विकेट 37 रन कप्तान इशान किशन (4), अनमोलप्रीत सिंह (3) और वाशिंगटन सुंदर (7) पर आउट हो गए। भारत के 5 विकेट 50 रन पर गिर गए।
खिताबी 'चौके' से कैसे चूके द्रविड़ के लड़ाके, ये हैं 5 कारण
तीसरा, शीर्ष क्रम की नाकामी के बाद भारत को मध्य क्रम के बल्लेबाजों से आस थी कि वे टीम को संकट से बाहर ले जाएंगे लेकिन सरफराज खान (51) को छोड़कर अन्य बल्लेबाज नाकाम रहे। अरमान जाफर (5), महिपाल लोरमार (19), मयंक डागर (8) और राहुल बाथम (21) भी फेल हो गए। मैच में भारत के 8 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सके।