'जेंटलमैन गेम' जब खतरनाक चोटों से हुआ बदनाम
क्रिकेट के मैदान पर बल्लेबाजी के दौरान पहले भी कई क्रिकेटरों को चोट लग चुकी है। मैदान पर चोटिल होने वाले क्रिकेटरों की सूची काफी लंबी है, जिनमें से कुछ को अपनी जान भी गंवानी पड़ी तो कुछ क्रिकेटरों का करियर खत्म भी हो गया। हालांकि कुछ ऐसे भी है जो चोट लगने के बाद क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने में सफल रहे। हम आपको बता रहे हैं कि ह्यूज से पहले किन-किन क्रिकेटरों को बड़ी चोटें लगी थी।
'जेंटलमैन गेम' जब खतरनाक चोटों से हुआ बदनाम
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज फिल ह्यूज की बल्लेबाजी के दौरान सिर में चोट लगने से मौत के बाद क्रिकेट को खतरनाक खेलों की श्रेणी में माना जाने लगा है। ऑस्ट्रेलिया में एक घरेलू टूर्नामेंट में मैच के दौरान चोट लगने से वह कोमा में ही चले गए थे और उसी स्थिति में उनकी मौत हो गई। मैदान पर पहले भी क्रिकेटरों के चोट लगने की घटनाए हो चुकी हैं।
'जेंटलमैन गेम' जब खतरनाक चोटों से हुआ बदनाम
1975 में एक टेस्ट मैच के दौरान न्यूजीलैंड के बल्लेबाज इवेन चैटफील्ड इंग्लैंड के पीटर लीवन के गेंद को भांप नहीं सके और गेंद उनकी कनपटी में लग गई। गेंद लगते ही वह मैदान पर गिर गए, और जीभ तक सूजन आ गई। एक समय तो उनकी धड़कन ही बंद हो गई थी लेकिन हास्पिटल में काफी संघर्ष के बाद वह ठीक हुए और 2 साल बाद क्रिकेट के मैदान पर लौटने में कामयाब रहे।
'जेंटलमैन गेम' जब खतरनाक चोटों से हुआ बदनाम
क्रिकेट को 'जेंटलमैन' गेम कहा जाता है लेकिन कभी-कभी यह अनचाही कारणों से भी चर्चा में रहता है। 1977 में एक टेस्ट मैच के दौरान इंग्लैंड के गेंदबाज बॉब विलिस की गेंद पर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज रिक मैक्कोस्कर का जबड़ा ही टूट गया। जबड़े के टूटने के बाद चेहरे पर काफी बैंडेज भी लगाया गया। हालांकि वह दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने आए और अपनी टीम की जीत में अपना अहम योगदान दिया।
'जेंटलमैन गेम' जब खतरनाक चोटों से हुआ बदनाम
भारतीय टेस्ट क्रिकेटर रमन लांबा की मौत भी क्रिकेट के मैदान पर हुई थी। 38 साल की उम्र में वह 1998 में बांग्लादेश के ढाका में एक टूर्नामेंट में भाग लेने गए थे और फॉरवर्ड शॉर्टलेग पर क्षेत्ररक्षण करते समय बल्लेबाज का एक शॉट उनकी कनपटी पर लग गई और कई दिनों तक संघर्ष के बाद उनका निधन हो गया।