वर्ल्ड कप 2015 का खुमार अब उतर चुका है। ऑस्ट्रेलिया पांचवीं बार इस खिताब को पाने में सफल रहा और बाकी 13 टीमें हाथ मलती रह गई। न्यूजीलैंड पहली बार फाइनल में पहुंची लेकिन खिताब पाने से चूक गई। इस महाटूर्नामेंट के समाप्ति के साथ ही कुछ ऐसे क्रिकेटर है जिन्होंने वर्ल्ड कप 2015 के साथ ही वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इनमें सबसे ज्यादा पाकिस्तान के तीन और श्रीलंका के दो क्रिकेटर शामिल है। आइए जानते हैं क्रिकेट के ऐसे कुछ दिग्गजों के बारे में और उनकी उपलब्धियां....
वनडे में नहीं दिखेगा अब इन धुरंधरों का जलवा
पाकिस्तानी टीम के हरफनमौला कप्तान मिसबाह उल हक भले ही अपनी कप्तानी में टीम को वर्ल्ड कप न दिला सके हों लेकिन कई मौकों पर 40 वर्षीय यह बल्लेबाज अपनी टीम के लिए संकटमोचक बनकर उभरा है। 162 वनडे मैच खेल चुके मिसबाह के नाम 42 अर्धशतक है। इनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 96 रन नाबाद है।
वनडे में नहीं दिखेगा अब इन धुरंधरों का जलवा
वनडे क्रिकेट में बूम-बूम अफरीदी के नाम से पहचान रखने वाले हरफनमौला पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी के नाम वनडे में सबसे ज्यादा छक्के (351) मारने का रिकॉर्ड भी है। कुल 398 वनडे मैच खेल चुके अफरीदी के नाम कुल 6 शतक और 39 अर्धशतक है। इनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 124 रन है।
वनडे में नहीं दिखेगा अब इन धुरंधरों का जलवा
वनडे को अलविदा कहने वाले धुरंधरों में एक और पाकिस्तानी क्रिकेटर शामिल है। युनूस खान पाकिस्तानी टीम के मिडिल ऑर्डर की जान माने जाते है। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप 2015 में टीम की विदाई के साथ इन्होंने ने भी वनडे क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। कुल 264 वनडे मैच खेल चुके युनूस के नाम 7 शतक और 48 अर्धशतक है। इनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 144 रन है।
वनडे में नहीं दिखेगा अब इन धुरंधरों का जलवा
वनडे हो या टेस्ट सभी फॉर्मेट में बेहतरीन विकेटकीपर और बल्लेबाज की पहचान रखने वाले श्रीलंकाई खिलाड़ी कुमार संगकारा ने भी वर्ल्ड कप 2015 के बाद वनडे क्रिकेट को अलविदा कह दिया। टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली करारी हार के बाद श्रींलंकाई टीम की वर्ल्ड कप से विदाई हो गई थी। संगकारा ने इस टूर्नामेंट में लगातार चार शतक लगाकर विश्व कीर्तिमान भी स्थापित किया। 404 वनडे क्रिकेट खेल चुके 37 वर्षीय संगकारा के नाम कुल 25 शतक और 93 अर्धशतक शामिल है। इनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 169 रन है।