क्रिकेट इतिहास के सबसे पकाऊ मैच, इन्होंने तोड़े रिकॉर्ड
अगर दिल्ली टेस्ट देखकर आपको यह लगा कि इससे ज्यादा पकाऊ टेस्ट मैच कोई दूसरा नहीं, तो यह गलतफहमी दूर कर लीजिए क्योंकि इससे भी ज्यादा पकाऊ टेस्ट मैचों की फेहरिस्त लंबी है।
क्रिकेट इतिहास के सबसे पकाऊ मैच, इन्होंने तोड़े रिकॉर्ड
दिल्ली में दक्षिण अफ्रीका ने पूरे दम खम के साथ मैच को ड्रॉ करने का प्रयास किया और इतना धीमा खेला कि मैच बेहद पकाऊ होता चला गया। चलिए, जानते हैं क्रिकेट इतिहास के 5 सबसे पकाऊ मैच। इन पांच पकाऊ मैचों में से 4 भारत के है।
क्रिकेट इतिहास के सबसे पकाऊ मैच, इन्होंने तोड़े रिकॉर्ड
पांचवें नंबर पर है 2009 में अहमदाबाद में भारत और श्रीलंका के बीच हुआ सीरीज का पहला टेस्ट मैच। भारत ने पहली पारी में 426 रन बनाए थे। इसमें राहुल द्रविड़ और महेंद्र सिंह धोनी ने शतक ठोका था। जवाब में श्रीलंका ने तिलकरत्ने दिलशान और प्रसन्ना जयवर्धने के शतक की बदौलत 760 रन कूट डाले। पांच दिनों तक चले इस पकाऊ मैच में कुल 436.4 ओवर फेंके गए और 1598 रन बने। जबकि दोनों टीमों के कुल 21 विकेट ही गिर पाए।
क्रिकेट इतिहास के सबसे पकाऊ मैच, इन्होंने तोड़े रिकॉर्ड
चौथे नंबर पर आता है 21 दिसंबर 1955 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच। पहली पारी में कीवी टीम ने 2 विकेट पर 450 रन बनाकर पारी की घोषणा की। जवाब में भारत ने 241.5 ओवर में 7 विकेट पर 531 रन बना डाले। इसमें भारत की ओर से विजय मांजरेकर ने 177 रन बनाए। दूसरी पारी की शुरुआत करते हुए न्यूजीलैंड ने पांचवें दिन तक 1 विकेट पर 112 रन बनाते हुए मैच ड्रॉ पर खत्म किया।
क्रिकेट इतिहास के सबसे पकाऊ मैच, इन्होंने तोड़े रिकॉर्ड
तीसरे नंबर पर 2006 में लाहौर में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया टेस्ट मैच रहा। पांच दिनों तक चले इस बेहद पकाऊ मैच का आखिरी दिन तक कोई परिणाम नहीं निकला। पहली पारी में पाक के 7 विकेट पर 679 रनों के जवाब में भारत ने तीसरे दिन से खेलते हुए पांचवें दिन तक एक विकेट पर 410 रन बनाकर मैच ड्रॉ पर खत्म किया। दोनों टीमों की ओर से दूसरी पारी नहीं खेली गई। इस मैच में पाक की ओर से युनूस खान, मोहम्मद युसूफ, शाहिद आफरीदी और कामरान अकमल ने शतक ठोका जबकि भारत की ओर से राहुल द्रविड़ का शतक और वीरेंद्र सहवाग की नाबाद 254 रनों की नायाब पारी शामिल रही।