कंगारुओं के खिलाफ धोनी के तरकश में होंगे ये पांच 'तीर'
एक साल के अंदर टीम इंडिया फिर ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर है और इस बार भी वह अपने पुराने कप्तान के साथ नए सितारों के साथ गई है। 5 मैचों की वनडे सीरीज अगले हफ्ते (12 जनवरी) से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रही है। कप्तान धोनी भी मानते हैं कि यह दौरा युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मौका है। इस बार कई खिलाड़ी पहली बार भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर गए हैं।
कंगारुओं के खिलाफ धोनी के तरकश में होंगे ये पांच 'तीर'
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय खेमे में 4 तेज गेंदबाजों (भुवनेश्वर कुमार, उमेश यादव, इशांत शर्मा और बरिंदर सरां) के साथ-साथ 3 फिरकी गेंदबाज (आर अश्विन, अक्षर पटेल और रिषि धवन) शामिल किए गए हैं। जबकि रविंद्र जडेजा और गुरकीरत सिंह मान दो ऑलराउंडर हैं जो बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी कंगारुओं को बांधने की कोशिश करेंगे। मोहम्मद शमी सीरीज शुरू होने से पहले ही चोटिल हो गए और उनकी जगह भुवी को रखा गया है।
कंगारुओं के खिलाफ धोनी के तरकश में होंगे ये पांच 'तीर'
5 मैचों की वनडे सीरीज के दौरान मेजबान ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने के लिए कप्तान धोनी के पास गेंदबाजों की एक पूरी टीम है। लेकिन इनमें से कुछ गेंदबाजों के लिए यह सीरीज बेहद खास है तो कुछ के लिए चुनौती भरा। आइए, जानते हैं कि इस सीरीज में टीम इंडिया के उन 5 खास गेंदबाजों के बारे में जिन पर रहेगी सभी की नजर।
कंगारुओं के खिलाफ धोनी के तरकश में होंगे ये पांच 'तीर'
टीम इंडिया के पास उसके सबसे खास और टेस्ट में वर्ल्ड नंबर वन गेंदबाज आर अश्विन तो हैं ही जिनकी फिरकी गेंदबाजी एशियाई धरती के बाहर भी अपना कमाल दिखाती रही है। हालांकि उनका प्रदर्शन अपने देश की तुलना में विदेशी सरजमीं पर कहीं कमतर रहा है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 14 वनडे मैच में 18 विकेट झटके हैं लेकिन ज्यादातर विकेट दूसरी मेहमान टीमों के हैं। मेजबान टीम के साथ उन्होंने 4 वनडे में सिर्फ 2 विकेट ही निकाल सके हैं। अब जबकि 100 वनडे मैच खेल चुके अश्विन आज आज जोरदार फॉर्म में हैं तो वह अपने खराब प्रदर्शन को सुधारना चाहेंगे।
कंगारुओं के खिलाफ धोनी के तरकश में होंगे ये पांच 'तीर'
टीम इंडिया में पहली बार शामिल किए गए बाएं हाथ के तेज गेंदबाज बरिंदर सरां पर सभी की निगाहें होंगी। चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में अगले जहीर खान के रूप में शामिल कर बड़ा चांस दिया है। कभी वह बॉक्सर बनना चाहते थे लेकिन क्रिकेट को करियर बनाने के बाद जल्द ही उन्होंने नीली जर्सी पहनने का अधिकार हासिल कर लिया। महज 8 लिस्ट-ए मैच के अनुभव के साथ ऑस्ट्रेलिया जैसे मुश्किल दौरे पर गए सरां के पास अपनी पहचान बनाने का शानदार मौका है। पहले अभ्यास मैच से उन्होंने शुरुआत भी कर दी है।