{"_id":"42a4e81c5c7ec362dd51e12d19dc4a0f","slug":"navratra-2014-durga-on-doli-effect","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?","category":{"title":"Spirituality Archives","title_hn":"आध्यात्म आर्काइव","slug":"spirituality-archives"}}
डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?
Mon, 22 Sep 2014 02:36 PM IST
Updated Mon, 22 Sep 2014 02:36 PM IST
विज्ञापन
डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?
1 of 6
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
इस साल नवरात्र का आरंभ 25 सितंबर से होने जा रहा है। कहीं भक्तगण माता के स्वागत के लिए पंडाल सजाने में लगे हैं तो कहीं घर की साफ सफाई में लगे हैं। लेकिन माता का आगमन इस साल ऐसे वाहन पर हो रहा है जो देश और दुनिया के लिए शुभ नहीं माना जा रहा है।
डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?
2 of 6
इस साल मां दुर्गा डोली में सवार होकर आ रही हैं। मां का वाहन सिंह और जब मां सिंह पर सवार होकर आती हैं तो खुशहाली और समृद्घि लाती हैं लेकिन डोली में आना यह बाताता है कि इस साल महामारी और रोगों में वृद्घि होने वाली है।
डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?
3 of 6
बीते साल मां दुर्गा घाड़े पर सवार होकर आई जिसका परिणाम यह हुआ कि देश में छत्रभंग हुआ, यानी सरकार बदल गई। राजनीति में खूब उठा पटक देखने को मिला। सीमा विवाद और विश्व के कई देशों में हुए युद्घ ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?
4 of 6
ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि, माता का वाहन यूं तो सिंह है लेकिन तिथि के अनुसार हर साल माता का वाहन अलग-अलग होता है। यानी माता सिंह की बजाय दूसरी सवारी पर सवार होकर भी पृथ्वी पर आती हैं। इस संदर्भ में शास्त्रों में कहा गया है कि 'शशिसूर्ये गजारूढ़ा शनिभौमे तुरंगमे। गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता'
इसका अर्थ है सोमवार व रविवार को प्रथम पूजा यानी कलश स्थापन होने पर मां दुर्गा हाथी पर आती हैं। शनिवार तथा मंगलवार को कलश स्थापन होने पर माता का वाहन घोड़ा होता है।
विज्ञापन
डोली में आ रही हैं माता, क्या होगा इसका परिणाम?
5 of 6
गुरुवार अथवा शुक्रवार के दिन कलश स्थापन होने पर माता डोली पर चढ़कर आती हैं। बुधवार के दिन कलश स्थापन होने पर माता नाव पर सावर होकर आती हैं।
माता का डोली में आना रोग और राजनीतिक उथल-पुथल के कारण देश दुनिया को प्रभावित करेगा लेकिन महिलाओं के हित में इस वर्ष कुछ बड़े फैसले आ सकते हैं। इस साल महिलाओं के कारण देश का गौरव बढ़ेगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।