रिलेशनशिप में कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलतियां?
- आपका गुस्सा कहीं लगा न दे आपके रिश्त पर घुन
- एक दूसरे को समझना बेहद जरूरी
- रिश्ते की बुनियाद है विश्वास, इसे हिलने न दें
विस्तार
शादी जैसे अहम रिश्ते को बचाने की जिम्मेदारी पति और पत्नी दोनों पर होती है। रिश्ते में कई बार दरार आ जाती है। रिश्ते को हमेशा जवान बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप इन शब्दों को रिश्तों की डिक्शनरी से निकाल फैंके। फिर देखिए कैसे खिलखिलाते हैं आपके रिश्ते।
जैसे कि गुस्सा किसी भी रिश्ते को घुन की तरह खा जाता है। गुस्से पर नियंत्रण रखना सीखें क्योंकि ये आपके अपनों को दूर करता है। गुस्सा कम करेंगे तो रिश्ते की बगिया महकेगी।
'मैं' और 'मेरा' को छोड़ ही दें। 'हम' पर विश्वास करें। 'अहम' और 'मैं' दो ऐसे चाकू हैं जो रिश्तों को अंदर तक छील देते हैं। एक ही छत के नीचे रहते हुए मैं और मेरा करना स्वार्थीपन की निशानी है।
सुलह करने की पहल करने में कोई हर्ज नहीं है
लड़ाई झगड़ा होने पर सुलह की पहल करना कोई मजबूरी नहीं बल्कि रिश्ता बचाने की समझदारी है। ऐसे में मैं पहल क्यों करूं जैसे विचार दिमाग में मत लाइए। ऐसा करने से आप छोटे नहीं होंगे लेकिन साथी के मन में आपके लिए प्यार बढ़ेगा।
ना यानी इनकार रिश्ते को कमजोर करता है। हर बात पर ना कहने से सामने वाले व्यक्ति की अहमियत कम होती है। इसलिए कोशिश करें कि सीधे सीधे ना कहने की बजाय कुछ और समाधान निकालें।
जी हां, प्यार दरअसल जताने की ही चीज है। जितना प्यार जताएंगे उतना ही प्यार मिलेगा। रिश्तों में आई नीरसता को दूर करने के लिए समय समय पर प्यार का तड़का लगाना न भूलें।
एक दूसरे की जरूरतों को समझें
महिलाएं सजने सवंरने में देर लगाती हैं क्योंकि वो नहीं चाहती कि वो आपको कम सुंदर दिखें। वो ये सब आपके लिए ही तो करती हैं, इस बात को ध्यान रखते हुए 'इतनी देर' जैसे शब्द न बोला करें। सब्र का फल मीठा होता है ये बात याद रखिए।
विश्वास करना सीखें। अविश्वास पर प्यार की इमारत नहीं टिकती। साथी अगर लोगों से प्यार से हंसता बोलता है तो पल पल पर शक न करें। शक रिश्तों का सबसे बड़ा दुश्मन है।
पार्टनर की बात ध्यान से सुनना ही रिश्तों का एक अहम मंत्र है। एक दूसरे की बातों को समय देकर ध्यान से सुनने से कई समस्याएं हल होती है और रिश्तों को खाद मिलती है।
रिश्तों को इस तरह न बांधें कि कोई काम बोझ लगने लगे। हर काम को बांटकर करें, खासकर जब दोनों कामकाजी हों तो हर काम में बंटवारा करें। बांटकर काम करने से एक दूसरे के साथ वक्त बिताएंगे और किसी को काम बो झ नहीं लगेगा।