खून से रंगे हैं इनके हाथ, ये हैं सबसे खतरनाक 'सीरियल किलर'
मोहन कुमार उर्फ साइनाइड मोहन कुंवारी लड़कियों को अपने जाल में फंसा कर उनके साथ यौन संबंध बनाता था और फिर उन्हें गर्भनिरोधक गोली के बहाने साइनाइड की गोलियां खिला देता था। 2005-2009 के बीच इसी तरह उसने 20 लड़कियों को मार डाला। दिसंबर 2013 में उसे मौत की सजा हुई।
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पेशे से आयुर्वेद के डॉक्टर देवेंद्र शर्मा ने 2002-2004 के बीच कई टैक्सी ड्राइवरों को अपना निशाना बनाया। वह टूरिस्ट बन कर इन गाड़ियों में बैठता था और रास्ते में अपने साथियों के साथ मिल कर ड्राइवरों का खून कर देता था। टैक्सी चोरी कर उन्हें चोर बाजार में बेचता था और पैसे कमाता था। जुर्म कबूल करने पर उसने बताया कि उसने 30-40 ड्राइवरों का खून किया। 2008 में उसे मौत की सजा हुई।
खून से रंगे हैं इनके हाथ, ये हैं सबसे खतरनाक 'सीरियल किलर'
रेणुका शिंदे और उसकी बहन सीमा गवित ने कई मासूम बच्चों का अपहरण करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया। ये दोनों बच्चों का अपहरण करके उनसे चोरी कराती थी और जो बच्चे इनके काम नहीं आते थे, उन्हें मार डालती थी। 1900 से 1996 के बीच उन्होंने छ: बच्चों का खून भी किया। जुर्म कबूल करने पर उन्होंने यह तक कहा था कि उन्हें याद नहीं कि इससे पहले वे कितने बच्चों को मार चुकी हैं। फिलहाल वे अपनी मौत की सजा का इंतजार कर रही हैं।
खून से रंगे हैं इनके हाथ, ये हैं सबसे खतरनाक 'सीरियल किलर'
नोएडा के निठारी कांड को कौन नहीं जानता। यहां एक कोठी के नौकर सुरिंदर कोली को 2006 में निठारी गांव से गायब हुए कई बच्चों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कोली पर बच्चों के बलात्कार, अंग तस्करी, बाल शोषण और इंसानी मांस खाने के आरोप लगे। कोली को पांच हत्याओं का दोषी पाया गया है।
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बेंगलुरू की मल्लिका ने 1999 से 2007 के बीच छ: औरतों का खून किया। वह घरेलू हिंसा झेल रही मिडिल क्लास महिलाओं की हमदर्द बनने का नाटक करती, उन्हें साइनाइड खिला कर मार डालती थी और उनका सारा सामान लूट ले जाती थी। 2007 में इसकी गिरफ्तारी हुई और 2012 में इसे मौत की सजा सुनाई गई जो बाद में आजीवन कारावास में बदल दी गई।