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कभी थे पुजारी, आज हैं 4000 करोड़ की कंपनी के मालिक
Sun, 19 Jul 2015 03:44 PM IST
Updated Sun, 19 Jul 2015 03:44 PM IST
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अहमदाबाद के सुरेंद्रनगर के मथाक निवासी नरेंद्र रावल ने केन्या में ऐसी मिसाल कायम की है जिसे जानकर हर कोई उनकी तारीफ कर रहा है। कभी एक साधू रहे रावल आज केन्या के सबसे बड़े व्यापारियों में से एक हैं। इस समय नरेंद्र की कंपनी की वैल्यू लगभग 4125 करोड़ रुपए (65 करोड़ डॉलर) है। इनकी कंपनी का नाम देवकी ग्रुप है। केन्या सरकार ने उन्हें 'एल्डर ऑफ द बर्निंग स्पीयर' के खिताब से नवाजने के लिए चुना है।
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केन्या में लोग नरेंद्र रावल को उनके बिजनेस और अमीरी से कहीं अधिक उनकी परोपकारिता के लिए जानते हैं। नरेंद्र रावल ने अपनी वसीयत में लिखा है कि उनकी मौत के बाद उनके बिजनेस से होने वाले सालाना मुनाफे का आधा हिस्सा केन्या और अफ्रीका की अन्य जगहों के लोगों की शिक्षा, सेहत और पोषण के लिए खर्च किया जाएगा।
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नरेंद्र रावल महात्मा गांधी और मदर टेरेसा को बहुत मानते हैं। 37 साल की उम्र में रावल केन्या चले गए थे और किसुमु स्थित एक मंदिर स्वामीनारायण में पुजारी का काम करने लगे थे।
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इन्होंने शादी के बाद 1982 में नैरोबी स्थित एक हार्डवेयर की दुकान में नौकरी कर ली और 1990 तक गिकोंबा बाजार में अपनी खुद की दुकान खोल ली।
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रावल ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी नीता के साथ मिलकर रोजाना 18 घंटे काम किया। 1992 में रावल ने 70 हजार डॉलर का लोन लेकर स्टील की छतें बनाने का काम शुरू किया। फोर्ब्स पत्रिका के अफ्रीका वाले 1 मई के एडिशन में नरेंद्र रावल को कवर पेज पर छापा गया था।
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