शादी के 3 दिनों बाद भी यहां दुल्हा-दुल्हन नहीं जाते टॉयलेट, अजीबोगरीब परंपराएं
इस फोटो-स्टोरी की मदद से जानें ऐसी नौ परंपराएं जिनकी सच्चाई आपके होश फाख्ता कर देगी। ये दंग कर देने वाली हैं।
शादी के 3 दिनों बाद भी यहां दुल्हा-दुल्हन नहीं जाते टॉयलेट, अजीबोगरीब परंपराएं
आप जहां भी पैदा हुए हों, इस परंपरा के बारे में सुनने के बाद खुशकिस्मती मनाएंगे कि आप अमेजन के साटेरे -मावा जनजाति के नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां किशोर लड़कों को समाज पुरुष तभी मानता है जब वो अपने हाथ सबसे खतरनाक चीटियों के बीच कई बार डालते हैं। इन चीटियों को एक मोटे दस्ताने में बंद कर दिया जाता है। जब खोला जाता है तब तक ये काफी गुस्से में आ चुकी होती हैं। अब इसी दस्ताने में हाथ डालकर लड़के को खुदको कटवाना होता है। इसमें काफी दर्द होता है और हाथों में महीनों के लिए सूजन भी आ जाती है। तस्वीरें-स्टोरीपिक से
शादी के 3 दिनों बाद भी यहां दुल्हा-दुल्हन नहीं जाते टॉयलेट, अजीबोगरीब परंपराएं
स्टोरीपिक के मुताबिक महाराष्ट्रा और कर्नाटका में नवजात बच्चों को ऊंचाई से नीचे फेंका जाता है। परिवार का कोई शख्स बच्चे को अपनी पीठ पर बांधकर मंदिर की दीवार के ऊपर चढ़ता है। वहां ऊपर खड़े मंदिर के धार्मिक लोग कुछ प्रार्थना करते हैं और फिर ऊपर से बच्चे को नीचे फेंक देते हैं। बच्चों को पकड़ने के लिए नीचे कुछ लोग खड़े रहते हैं। इस परंपरा में कई बार बच्चा काफी देर तक शॉक मेंही रहता है।
शादी के 3 दिनों बाद भी यहां दुल्हा-दुल्हन नहीं जाते टॉयलेट, अजीबोगरीब परंपराएं
फमादिहाना का नाम सुना है आपने? ये मैडागास्कर में रहने वाले मलागासी लोगों की परंपरा है। इसके तहत ये लोग अपने मर चुके सगे-संबंधी को हर साल उनकी कब्र से वापस निकालते हैं। फिर उन्हें नए कपड़े पहनाते हैं और उसके साथ डांस करते हैं।
शादी के 3 दिनों बाद भी यहां दुल्हा-दुल्हन नहीं जाते टॉयलेट, अजीबोगरीब परंपराएं
इंडोनेशिया में टीडॉन्ग कंम्यूनिटी के लोगों में ये परंपरा है कि वहां नए शादीशुदा जोड़े को शादी के तीन दिनों तक टॉयलेट में जाने की आजादी नहीं होती। तीनों दिन वो कम से कम खाते हैं ताकि बाथरूम जाने से बचें।