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अगर आप रखते हैं घर की सजावट में दिलचस्पी तो इंटीरियर डिजाइनर बन पाएं मोटी सैलरी
अंशुमाला
Updated Mon, 12 Mar 2018 04:34 PM IST
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आप हर समय अपने घर के इंटीरियर को बदलते रहते हैं? हमेशा घर के इंटीरियर डिजाइन के लिए दूसरों से तारीफें पाते हैं? अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को भी घर की साज-सज्जा के बारे में आइडियाज देते रहते हैं? यदि इन सभी सवालों का जवाब 'हां' है, तो फिर आप इंटीरियर डिजाइनिंग के क्षेत्र में अपने करियर को संवारने के बारे में सोच सकते हैं।
शैक्षणिक योग्यता और कौर्स
इंटीरियर डिजाइनिंग में यदि आप अपना उज्ज्वल भविष्य बनाना चाहते हैं, तो किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं करने के बाद इसमें डिप्लोमा, डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं। आप चाहें तो ग्रेजुएशन के बाद भी इसमें पीजी डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स कर सकते हैं। इसमें एडवांस डिप्लोमा इन इंटीरियर डिजाइन, बैचलर ऑफ इंटीरियर डिजाइन, सर्टिफिकेट कोर्स इन इंटीरियर डिजाइन, बी.एससी इन इंटीरियर डिजाइन, बीए इन इंटीरियर आर्किटेक्चर एंड डिजाइन, डिप्लोमा इन इंटीरियर स्पेस एंड फर्नीचर डिजाइन जैसे कोर्स भारत में मौजूद विभिन्न संस्थान करवाने लगे हैं।
व्यक्तिगत विशेषताएं
इसमें कामयाबी पाने के लिए आपका क्रिएटिव होना जरूरी है। उच्च स्तर का डिजाइनिंग सि्कल, सृजनात्मकता, संगठनात्मक कौशल, प्रबंधन क्षमता, धैर्य, खुशमिजाज और मिलनसार व्यकि्तत्व आदि गुण भी हों।
कहां-कहां काम के मौके
आर्किटेक्चर एवं बिल्डर फर्म, टाउन प्लानिंग ब्यूरो, होटल, रिसोर्ट, रेस्तरां, स्टूडियो वर्क प्लानर या कंसल्टेंसी में सहयोगी के तौर शुरुआत में काम किया जा सकता है। आप अपना काम भी शुरू कर सकते हैं। अब तो शादी, बर्थडे, एनिवर्सरी जैसे आयोजनों में सजावट करने के लिए इंटीरियर डिजाइनर की सेवाएं ली जाने लगी हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में काम की कोई कमी नहीं है।
व्यक्तिगत विशेषताएं
इसमें कामयाबी पाने के लिए आपका क्रिएटिव होना जरूरी है। उच्च स्तर का डिजाइनिंग सि्कल, सृजनात्मकता, संगठनात्मक कौशल, प्रबंधन क्षमता, धैर्य, खुशमिजाज और मिलनसार व्यकि्तत्व आदि गुण भी हों।
कहां-कहां काम के मौके
आर्किटेक्चर एवं बिल्डर फर्म, टाउन प्लानिंग ब्यूरो, होटल, रिसोर्ट, रेस्तरां, स्टूडियो वर्क प्लानर या कंसल्टेंसी में सहयोगी के तौर शुरुआत में काम किया जा सकता है। आप अपना काम भी शुरू कर सकते हैं। अब तो शादी, बर्थडे, एनिवर्सरी जैसे आयोजनों में सजावट करने के लिए इंटीरियर डिजाइनर की सेवाएं ली जाने लगी हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में काम की कोई कमी नहीं है।
इंटीरियर डिजाइनिंग का क्षेत्र जितना क्रिएटिव है, उतना ही ज्यादा इसमें प्रतिस्पर्धा भी है। आप जो भी काम करें, जब तक उस कार्य को नोटिस नहीं किया जाएगा या फिर आपके द्वारा किए गए कार्य को लोग पसंद नहीं करेंगे, तब तक इसमें सफलता पाना मुश्किल है। हर वक्त नए आइडियाज पर काम करना होगा। कौन सा डिजाइन डिमांड में है, नए-पुराने डिजाइनर्स के साथ कॉनटैक्ट में रहना आदि बातों में खुद को अपडेट रखना होगा। तभी अपने हुनर और काबिलियत के दम पर इसमें सबसे आगे निकल सकते हैं। शुरुआत में किसी फर्म में नौकरी करने से प्रैक्टिकल नॉलेज के साथ-साथ अनुभव भी बढ़ता है।
- डॉ. अनुभूति सहगल, करियर काउंसलर, दिल्ली
- डॉ. अनुभूति सहगल, करियर काउंसलर, दिल्ली
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प्रमुख शिक्षण संस्थान
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, दिल्ली
आईआईएफए लैंकेस्टर कॉलेज, बंगलुरू
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर एंड फैशन टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर
मैनेजमेंट एंड डिजाइन एकेडमी, नई दिल्ली
एमआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, दिल्ली
आईआईएफए लैंकेस्टर कॉलेज, बंगलुरू
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीरियर एंड फैशन टेक्नोलॉजी, भुवनेश्वर
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एमआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे