चंद्रास्वामी एक तांत्रिक थे और भारतीय राजनीति के सबसे विवादास्पद किरदारों में से एक थे। 23 मई 2017 को 66 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई थी। एक समय में चंद्रास्वामी का कई देशों की सरकार के ताकतवर लोगों के साथ उठना-बैठना था और इसके लिए वह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में मशहूर थे। कहते हैं कि वह भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव के सबसे नजदीकी सलाहकारों में से एक थे। हालांकि उनपर राजीव गांधी की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने का भी आरोप लगा था। यानी कुल मिलाकर वह जितने मशहूर थे, उतने ही विवादास्पद भी थे। विवादों से उनका पुराना नाता था और कहते हैं कि इस वजह से उन्हें एक मामले में जेल की हवा भी खानी पड़ी थी।
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चंद्रास्वामी
- फोटो : Facebook/HV Jain
दरअसल, चंद्रास्वामी का असली नाम नेमिचंद जैन था। बचपन में ही वह अपने पिता के साथ रहने के लिए हैदराबाद चले गए थे। कहते हैं कि चंद्रास्वामी ने कोई शिक्षा हासिल नहीं की थी, बल्कि बचपन से ही उनकी दिलचस्पी तंत्र साधना में हो गई थी और 16 साल की उम्र में वे तांत्रिक भी कहलाने लगे थे।
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पीवी नरसिम्हाराव (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook/Narendra Modi
90 के दशक में चंद्रास्वामी का नाम सुर्खियों में तब आया था, जब पीवी नरसिम्हाराव साल 1991 में देश के प्रधानमंत्री बने थे। उनका प्रधानमंत्री से सीधा संपर्क था और कहते हैं कि उन्हें पीवी नरसिम्हाराव से मिलने के लिए कभी अप्वाइंटमेंट लेने की जरूरत नहीं पड़ी।
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चंद्रास्वामी
- फोटो : Facebook/HV Jain
लंबी बाल-दाढ़ी रखे, पीले वस्त्र और रुद्राक्ष की माला पहने चंद्रास्वामी का अलग ही प्रभाव था। बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसिद्ध इतिहासकार पैट्रिक फ्रेंच ने 'इंडिया- ए पोट्रेट' में लिखा है, 'चंद्रास्वामी कोई सभ्य आदमी तो नहीं थे, लेकिन उनमें दूसरों के दिमाग को जीतने का हुनर था।'
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चंद्रास्वामी
- फोटो : Facebook/Nayna Acharya Annapurna Bhojnalaya
कहते हैं कि चंद्रास्वामी न तो अंग्रेजी पढ़ पाते थे, न लिख पाते थे और न ही बोल पाते थे, लेकिन दुनिया के कई देशों के ताकतवर लोगों पर उनका खासा प्रभाव था, खासकर राजनेताओं पर। इसमें ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का नाम भी शामिल था। पूर्व विदेश मंत्री कुंवर नटवर सिंह ने अपनी पुस्तक 'वॉकिंग विद लायंस' में लिखा है कि चंद्रास्वामी ने मार्गरेट थैचर के ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी की थी, जो बाद में सच भी साबित हुई थी।