अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ शरीर की कुछ स्थितियों को बहुत खतरनाक मानते हैं, हाई ब्लड प्रेशर उनमें से एक है।
आई हेल्थ: बिना लक्षणों के भी आंखों को डैमेज कर सकता है ब्लड प्रेशर, ऐसे करें खतरे की पहचान
World Sight Day 2026: लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने पर आंख में मौजूद रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है। शुरुआत में लक्षण न होने के बावजूद यह नुकसान बढ़ सकता है, इसलिए बीपी को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
आज वर्ल्ड साइट डे यानी दृष्टि दिवस है। दुनियाभर में लोगों को अंधत्व, दृष्टिहीनता और आंखों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से ये खास दिन मनाया जाता है। इस साल की थीम है- अपनी आंखों से प्यार करें। डॉक्टर कहते हैं अगर आपको अपनी आंखों से प्यार है तो ब्लड प्रेशर पर गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।
हाई बीपी से रेटिना को असर
लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर रेटिना की छोटी धमनियों पर दबाव डालता है। समय के साथ इनमें संकुचन या धमनियों के डैमेज होने का भी जोखिम हो सकता हैं। आंखों की जांच से इन बदलावों का पता लगाया जा सकता है। इसे हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी यानी ब्लड प्रेशर से जुड़ी रेटिना की क्षति कहा जाता है।
आंख के अंदर क्या होता है?
हाई ब्लड प्रेशर के कारण में रेटिना की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ी या टेढ़ी दिखाई दे सकती हैं। कुछ मामलों में इससे रक्तस्राव, सूजन और कॉटन-वूल स्पॉट्स यानी रेटिना के छोटे हिस्सों में रक्त की आपूर्ति कम होने से बने धब्बे भी दिख सकते हैं। गंभीर स्थिति में ऑप्टिक नर्व यानी आंख से दिमाग तक संकेत पहुंचाने वाली नस में सूजन भी हो सकती है।
- इनमें से कई बदलाव आप खुद आईने में देखकर नहीं पहचान सकते। इसके लिए आंखों की अंदरूनी जांच जरूरी होती है। यही वजह है कि नियमित टेस्ट कराते रहना चाहिए।
क्या आप कराते हैं आंखों की जांच?
अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के अनुसार कई मरीज शुरुआत में बिल्कुल नॉर्मल रह सकते हैं, उन्हें देखने में कोई दिक्कत नहीं होती है। हालांकि आंखों के भीतर धीरे-धीरे खतरा बढ़ रहा होती है। समस्या बढ़ने के साथ लोगों में नजर कमजोर होने, सिरदर्द या आंखों से जुड़े दूसरे लक्षण दिख सकते हैं।
- यही वजह है कि अगर आपको लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर है, तो सिर्फ ब्लड प्रेशर की दवा लेना ही पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार आंखों समेत शरीर के दूसरे अंगों की निगरानी भी जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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