चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोनावायरस दुनियाभर में अपना पांव पसार रहा है। अबतक 3000 से ज्यादा लोगों की मौत का कारण बन चुके इस वायरस ने भारत में भी दस्तक दे दी है। देश में अबतक 30 लोग इससे संक्रमित हैं। कोरोनावायरस का अबतक कोई इलाज नहीं है और इससे बचाव ही एकमात्र उपाय है। इसी कारण लोगों से सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैंकॉक समेत कई नेताओं के अलावा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने गर्मी का मौसम आने पर कोरोनावायरस के खत्म होने की उम्मीद जताई है। आइए, जानते हैं कि आखिर क्यों ऐसा कहा जा रहा है:
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वायरस
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इसके फैलने का एक कारण यह है कि ठंड में ज्यादा संख्या में लोग एक स्थान पर रहते हैं, जिससे यदि कोई भी व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आता है तो यह बड़े पैमाने पर फैलने लगता है। खासकर खांसते या छींकते हुए यह और तेजी से फैलता है। दरअसल, सर्दियों में सर्दी, खांसी, जुकाम आम होती है। ऐसे में विषाणु आराम से फैलने लगते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि COVID-19 यानी कोरोनावायरस के प्रसार के लिए ठंड का मौसम या कम तापमान अनुकूल होता है।
अक्सर हम देखते हैं कि सर्दी के मौसम में सीजनल फ्लू और कोल्ड वायरस बड़े पैमाने पर फैलता है और जैसे ही गर्मी का मौसम आता है, वायरस अपने आप ही खत्म हो जाते हैं। पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर इन्फेक्शियस डिजीज डायनेमिक्स की निदेशक एलिजाबेथ मैकग्रा के अनुसार कोरोना सर्दियों से जुड़ा वायरस है जो कि कम तापमान में ज्यादा फैलता है।
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फोर्टिस अस्पताल के डिपार्टमेंट ऑफ पल्मोनोलॉजी एंड स्लीप डिसऑर्डर के निदेशक विकास मौर्या और अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्मी में कोरोनावायरस के प्रसार में रोक लगेगी। जिन इलाकों में तापमान कम था या सर्दी का मौसम था, वहीं कोरोनावायरस का ज्यादा असर देखा गया। वैज्ञानिक काफी पहले से इस बात का दावा करते आ रहे हैं कि गर्मी आते ही इस बीमारी में कमी आएगी और गर्मी बढ़ने पर कोरोनावायरस खत्म हो जाएगा।
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चीन के वुहान से फैला कोरोनावायरस(File photo)
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विकास मौर्या के मुताबिक कोरोनोवायरस एक जंगली जानवर से आया हुआ संक्रामक है, जो सर्दियों में होता है और सांस से जुड़ा हुआ है। हमें एक साल में कम से कम दो बार एक वायरल संक्रमण होता है। अंतर यह है कि कोरोनावायरस का यह स्ट्रेन एक प्रतिरोधी स्ट्रेन है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि गर्मियों तक इस स्ट्रेन में कमी आएगी।