बुखार-दर्द या किसी अन्य समस्या की शिकायत लेकर जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो कई बार आपने भी देखा होगा कि डॉक्टर आपकी जीभ और आंखों को भी चेक करते हैं। अक्सर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि बुखार चेक करने में जीभ और आंखों का क्या रोल हो सकता है?
हेल्थ चेकअप: बीमारियों का पता लगाने के लिए जीभ और आंखें क्यों चेक करते हैं डॉक्टर? यहां जानिए
Health Checkup: डॉक्टर बीमारियों की पहचान के लिए जीभ और आंखों के रंग और आकार में बदलाव को देखते हैं। पर इससे शरीर के भीतर चल रही समस्या का कैसे पता लगता है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।
फिजिशियन डॉ रमन वर्मा बताते हैं, हमारी जीभ, नाखून, आंखें शरीर के भीतर चल रही गड़बड़ियों का संकेत देती हैं। वैसे तो केवल जीभ या आंखों को देखकर किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए इन संकेतों को मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और ब्लड टेस्ट रिपोर्ट के साथ मिलाकर देखा जाता है, जिससे समस्या का सही अंदाजा लगाया जा सके।
जीभ क्यों चेक किया जाता है?
- आमतौर हमारी जीभ गुलाबी रंग की होती है। इसके रंग या बनावट में बदलाव कई बार शरीर के भीतर की दिक्कतों का संकेत दे सकते हैं।
- जीभ पर सफेद परत अक्सर मुंह की सफाई ठीक से न होने, फंगल संक्रमण से जुड़ी हो सकती है।
- इसी तरह जीभ पर पीलापन ज्यादातर मामलों में बैक्टीरिया के जमाव, मुंह सूखने, धूम्रपान या खराब ओरल हाइजीन का संकेत होती है।
- वहीं बहुत लाल या चिकनी जीभ को पोषण संबंधी कमियों का संकेत माना जाता है।
- जीभ नीली दिख रही है तो ये ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकती है जिसमें तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत होती है।
आंखों से क्या पता चलता है?
डॉक्टर आंखों को सिर्फ नजर की जांच के लिए नहीं देखते। आंखों के सफेद हिस्से का रंग भी कई बार महत्वपूर्ण होता है।
अगर आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगे तो यह पीलिया की संकेत हो सकता है। पीलिया में बिलीरुबिन नाम का पदार्थ शरीर में बढ़ जाता है और त्वचा व आंखों में पीलापन आ सकता है। पीलिया की पुष्टि के लिए डॉक्टर आंखों के साथ त्वचा, पेशाब और दूसरे लक्षणों को भी देखते हैं।
नाखूनों से क्या पता चलता है?
नाखून सामान्य तौर पर चिकने और गुलाबी दिखते हैं। लेकिन इनके रंग, मोटाई, आकार या बनावट में अचानक बदलाव होना समस्याओं का संकेत हो सकता है।
- नाखूनों में बदलाव फंगल संक्रमण, पोषक तत्वों की कमी, त्वचा की बीमारी या कुछ दूसरी अंदरूनी समस्याओं की ओर संकेत हो सकता है।
- नाखूनों में नीला या बैंगनीपन शरीर में ऑक्सीजन की कमी की ओर इशारा करता है। इसलिए नाखूनों में लंबे समय तक या अचानक दिखने वाले इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
क्या कहते हैं डॉक्टर?
डॉक्टर कहते हैं, हर बार जीभ, आंख या नाखून में बदलाव दिखने का मतलब कोई गंभीर बीमारी होना जरूरी नहीं है। यही कारण है कि मरीज की रिपोर्ट को इन अंगों में बदलाव के साथ क्रॉस चेक किया जाता है। अंगों में दिखने वाले संकेतों को बाकी लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट या दूसरी जांचों के साथ जोड़कर देखना जरूरी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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