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हेल्थ चेकअप: बीमारियों का पता लगाने के लिए जीभ और आंखें क्यों चेक करते हैं डॉक्टर? यहां जानिए

Tue, 06 Oct 2026 05:48 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Tue, 06 Oct 2026 05:48 PM IST
सार

Health Checkup: डॉक्टर बीमारियों की पहचान के लिए जीभ और आंखों के रंग और आकार में बदलाव को देखते हैं। पर इससे शरीर के भीतर चल रही समस्या का कैसे पता लगता है? आइए इस बारे में जान लेते हैं।

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Why Doctors Check Your Tongue, Eyes and Nails Hidden Health Signs
हेल्थ चेकअप - फोटो : Amarujala.com/AI

बुखार-दर्द या किसी अन्य समस्या की शिकायत लेकर जब आप डॉक्टर के पास जाते हैं तो कई बार आपने भी देखा होगा कि डॉक्टर आपकी जीभ और आंखों को भी चेक करते हैं। अक्सर लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि बुखार चेक करने में जीभ और आंखों का क्या रोल हो सकता है?



स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, असल में शरीर के ये हिस्से कई स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकते हैं। यही कारण है कि डॉक्टर इनकी रंग, बनावट, नमी और किसी असामान्य बदलाव को देखकर मरीज की स्थिति का शुरुआती अंदाजा लगाते हैं।

जीभ का रंग और सतह शरीर में पानी की कमी, मुंह से जुड़ी समस्याओं या कुछ पोषण संबंधी कमियों की ओर संकेत कर सकते हैं। इसी तरह आंखों की सफेदी या उसके रंग में बदलाव से शरीर के अंदर चल रही समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।

आइए जानते हैं कि जीभ, आंखें और नाखून किन समस्याओं का संकेत दे सकते हैं?

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जीभ का रंग से क्या पता चलता है? - फोटो : freepik.com

फिजिशियन डॉ रमन वर्मा बताते हैं, हमारी जीभ, नाखून, आंखें शरीर के भीतर चल रही गड़बड़ियों का संकेत देती हैं। वैसे तो केवल जीभ या आंखों को देखकर किसी बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसलिए इन संकेतों को मरीज की मेडिकल हिस्ट्री और ब्लड टेस्ट रिपोर्ट के साथ मिलाकर देखा जाता है, जिससे समस्या का सही अंदाजा लगाया जा सके।

जीभ क्यों चेक किया जाता है?

  • आमतौर हमारी जीभ गुलाबी रंग की होती है। इसके रंग या बनावट में बदलाव कई बार शरीर के भीतर की दिक्कतों का संकेत दे सकते हैं।
  • जीभ पर सफेद परत अक्सर मुंह की सफाई ठीक से न होने, फंगल संक्रमण से जुड़ी हो सकती है। 
  • इसी तरह जीभ पर पीलापन ज्यादातर मामलों में बैक्टीरिया के जमाव, मुंह सूखने, धूम्रपान या खराब ओरल हाइजीन का संकेत होती है। 
  • वहीं बहुत लाल या चिकनी जीभ को पोषण संबंधी कमियों का संकेत माना जाता है। 
  • जीभ नीली दिख रही है तो ये ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकती है जिसमें तुरंत मेडिकल सहायता की जरूरत होती है।
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आंखों में दिखने वाले बदलाव - फोटो : Adobe Stock

आंखों से क्या पता चलता है?

डॉक्टर आंखों को सिर्फ नजर की जांच के लिए नहीं देखते। आंखों के सफेद हिस्से का रंग भी कई बार महत्वपूर्ण होता है। 

अगर आंखों का सफेद हिस्सा पीला दिखाई देने लगे तो यह पीलिया की संकेत हो सकता है। पीलिया में बिलीरुबिन नाम का पदार्थ शरीर में बढ़ जाता है और त्वचा व आंखों में पीलापन आ सकता है।  पीलिया की पुष्टि के लिए डॉक्टर आंखों के साथ त्वचा, पेशाब और दूसरे लक्षणों को भी देखते हैं। 



नाखूनों से क्या पता चलता है?

नाखून सामान्य तौर पर चिकने और गुलाबी दिखते हैं। लेकिन इनके रंग, मोटाई, आकार या बनावट में अचानक बदलाव होना समस्याओं का संकेत हो सकता है।
 
  • नाखूनों में बदलाव फंगल संक्रमण, पोषक तत्वों की कमी, त्वचा की बीमारी या कुछ दूसरी अंदरूनी समस्याओं की ओर संकेत हो सकता है। 
  • नाखूनों में नीला या बैंगनीपन शरीर में ऑक्सीजन की कमी की ओर इशारा करता है। इसलिए नाखूनों में लंबे समय तक या अचानक दिखने वाले इन बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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डॉक्टर कैसे लगाते हैं बीमारियों का पता? - फोटो : Adobe Stock

क्या कहते हैं डॉक्टर?

डॉक्टर कहते हैं, हर बार जीभ, आंख या नाखून में बदलाव दिखने का मतलब कोई गंभीर बीमारी होना जरूरी नहीं है। यही कारण है कि मरीज की रिपोर्ट को इन अंगों में बदलाव के साथ क्रॉस चेक किया जाता है। अंगों में दिखने वाले संकेतों को बाकी लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट या दूसरी जांचों के साथ जोड़कर देखना जरूरी है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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