क्या आपने कभी गौर किया है कि पसंदीदा गाना सुनने, दोस्तों के साथ समय बिताने या अपनी पसंद का काम करने से आपको अंदर से खुशी मिलती है? वहीं जब हमारे मन की चीजें नहीं होती है तो सबकुछ बुरा-बुरा सा लगता है। पर बड़ा सवाल ये है कि आखिर ये खुशी और दुख की भावनाएं आती कैसे हैं?
जानना जरूरी: खुश रहने के पीछे काम करते हैं ये 4 केमिकल्स, समझिए हैप्पी हार्मोन्स का सारा खेल
Happy Hormones: सेरोटोनिन, डोपामिन, ऑक्सीटोसिन और एंडोर्फिन को हैप्पी हार्मोन्स के नाम से जाना जाता है। ये मूड, प्रेरणा, सामाजिक जुड़ाव और दर्द से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं। नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद, संतुलित भोजन और अपनों के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखता है और आपको खुशी देता है।
पहले सेरोटोनिन के बारे में जान लीजिए
सेरोटोनिन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जो मूड, नींद, भूख और पाचन जैसी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। नियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद और रोजाना कुछ समय धूप में बिताना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। शरीर का अधिकांश सेरोटोनिन आंतों में पाया जाता है। यह आंतों की मांसपेशियों को सक्रिय करके भोजन पचाने और आंतों के कामकाज को नियंत्रित भी करता है।
- सेरोटोनिन का लेवल कम होने पर आपको लगातार उदासी, तनाव, अत्यधिक चिंता, चिड़चिड़ापन और घबराहट हो सकती है।
डोपामिन से मिलती है प्रेरणा
डोपामिन हमें काम करने की प्रेरणा देता है, सीखने और रिवार्ड से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी मदद करता है। ये किसी काम को करने की इच्छा, जज्बा और लक्ष्य हासिल करने के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जब आप कोई लक्ष्य पूरा करते हैं या कोई अच्छी चीज खाते हैं, तो डोपामाइन रिलीज होता है जिससे आपको संतोष व खुशी का एहसास होती है।
- डोपामाइन की कमी होने से आपको उदासी, खालीपन और किसी भी चीज में रुचि न रहने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
रिश्तों और जुड़ाव को मजबूत करता है ऑक्सीटोसिन
ऑक्सीटोसिन सामाजिक जुड़ाव, भरोसे में भूमिका निभाता है। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, किसी की मदद करना और भावनात्मक सहयोग देना मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- हार्वर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक ऑक्सीटोसिन का निर्माण मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस में होता है और यह पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा रक्तप्रवाह में रिलीज होता है। इसे आमतौर पर 'लव हार्मोन' भी कहा जाता है। ऑक्सीटोसिन कम होने के कारण आपको अकेलापन और तनाव महसूस हो सकता है।
एंडोर्फिन क्या करता है?
एंडोर्फिन शरीर में बनने वाले ऐसे पदार्थ हैं, जो दर्द के एहसास को कम करने में मदद करते हैं। व्यायाम, हंसी और कुछ आनंददायक गतिविधियों के दौरान ये रिलीज होता है। ये शरीर में दर्द के संकेतों को मस्तिष्क तक पहुंचने से रोकते हैं, जिससे दर्द और बेचैनी कम होती है। आमतौर पर जब शरीर तनाव, डर या परेशानी में होता है, तो एंडोर्फिन स्रावित होते हैं जो मानसिक शांति और सुकून देते हैं।
- एंडोर्फिन लो होने के कारण शरीर में लगातार दर्द, फाइब्रोमायल्जिया या माइग्रेन की समस्या हो सकती है।
हैप्पी हार्मोन्स को कैसे बूस्ट करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप लाइफस्टाइल और खानपान को ठीक रखकर हैप्पी हार्मोन्स को बूस्ट कर सकते हैं।
- रोजाना अच्छी और निर्बाध नींद लें। वयस्कों के लिए आमतौर पर 7-9 घंटे की नींद की सलाह दी जाती है।
- वॉकिंग, योग-डांस या अपनी पसंद की कोई शारीरिक गतिविधि नियमित रूप से करें।
- संतुलित भोजन लें जिसमें फल-सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स हों।
- दोस्तों से बात करें, परिवार के साथ समय बिताएं और अपनी पसंद के कामों के लिए वक्त निकालें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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