आप कितने स्वस्थ हैं इसका अंदाजा पेशाब के रंग से लगाया जा सकता है। सुनने में तो वैसे यह थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक स्वास्थ्य की जांच करने का यह भी एक तरीका हो सकता है। पेशाब का रंग, गंध और कितने-कितने समय अंतराल पर आपको इसका अनुभव होता है, इसके आधार पर आसानी से पता लगा सकते हैं कि आप स्वस्थ हैं या किसी बीमारी से पीड़ित हैं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से पेशाब का रंग सामान्य रहता है, वहीं कम पानी पीने से इसके रंग में बदलाव देखा जा सकता है। आइए जानते हैं कि पेशाब का कैसा रंग किस बीमारी का संकेत हो सकता है?
पेशाब के रंग से जानें सेहत का हाल, ऐसा रंग हो सकता है गंभीर बीमारियों का संकेत
कैसा होना चाहिए पेशाब का रंग?
विशेषज्ञों के मुताबिक पेशाब का मानक रंग "यूरोक्रोम" है, यानी कि साफ के साथ हल्का सा पीलापन। वैसे आपके आहार, दवा और शरीर के हाइड्रेशन के आधार पर इसका रंग लोगों में भिन्न-भिन्न हो सकता है। यदि लगातार आपको पेशाब के रंग में अप्रत्याशित बदलाव दिखता है तो यह किसी बीमारी का संकेत हो सकता है। आइए विभिन्न रंगो के आधार पर इसे समझते हैं।
हल्का भूरा रंग
यदि पेशाब का रंग आपको हल्का भूरा दिखाई देता है तो यह संकेत हो सकता है कि आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं। हालाँकि यदि आप ज्यादा पानी पीते हैं फिर भी ऐसा रंग दिखता है तो यह लीवर या किडनी के खराब होने का संकेत हो सकता है। इसके साथ यदि आपको पेट दर्द, शरीर पर चकत्ते और दौरे पड़ने जैसी समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
साफ रंग
हाइड्रेटेड रहना शरीर के लिए अच्छा है लेकिन बहुत अधिक पानी पीने से आपके शरीर में लवण का मात्रा पतली हो सकती है। यदि आपका पेशाब हमेशा साफ रहता है तो यह शरीर में रासायनिक असंतुलन का संकेत हो सकता है। इसका मतलब है कि आपको उतनी मात्रा में ही पानी पीने की जरूरत है जिससे कि शरीर हाइड्रेटेड रह सके।
लाल या गुलाबी
सामान्यतौर पर पेशाब का रंग लाल या गुलाबी होना ज्यादा चिंता का कारण नहीं है। चुकंदर या ब्लैकबेरी जैसे फलों के खाने के कारण भी रंग में ऐसा बदलाव हो सकता है। लेकिन यदि आप इन फलों को नहीं खा रहे हैं फिर भी पेशाब का रंग ऐसा ही रहता है तो यह किसी दवा के कराण या फिर किडनी, ट्यूमर, या फिर यूरिनरी ट्रैक्ट में संक्रमण का संकेत हो सकता है।